Banswara : बांसवाड़ा जिले में वर्तमान में सिंचाई के लिए सबसे बड़ी अपर हाईलेवल कैनाल परियोजना नए साल में अंतिम चरण में पहुंच सकती है। कुल सात टनल बनेगी, जिनसे होकर नहर का पानी बहेगा। बांसवाड़ा जिले के इन 6 तहसीलों के गांवों को पानी मिलेगा।
Banswara : बांसवाड़ा की करीब 338 गांवों की जनता को इस वर्ष अच्छी खबर मिलेगी। पानी से उनका जीवन बदल जाएगा।बांसवाड़ा जिले में वर्तमान में सिंचाई के लिए सबसे बड़ी अपर हाईलेवल कैनाल परियोजना नए साल में अंतिम चरण में पहुंच सकती है। हालांकि 2248 करोड़ रुपए लागत के इस प्रोजेक्ट के पूरा होने की समयसीमा नवम्बर, 2026 है, लेकिन मौजूदा समय में इसकी रफ्तार धीमी है।
यह परियोजना पूरे जिले में सबसे बड़ी जल संसाधन-सिंचाई परियोजना के रूप में उभर रही है, जो ग्रामीण कृषि और सिंचाई की दशा बदल देगी। प्रोजेक्ट में 2610 मीटर लंबी टनल बन रही है। अभी करीब 1500 मीटर की खुदाई पूरी हो चुकी है। दिसम्बर, 2024 में इस काम की शुरुआत हुई थी। दिन-रात तकनीकी अधिकारियों, इंजीनियर्स और श्रमिकों की टीम बड़ी मशीनों के साथ काम कर रही है। टनल सिंगपुरा से समाईपुरा होते हुए भापोर की तरफ निकलेगी।
बांसवाड़ा के जिला कलक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव बताते हैं कि सिंचाई जल से वंचित जिले के बड़े इलाके तक पानी पहुंचेगा।
कुल सात टनल बननी हैं, जिनसे होकर नहर का पानी बहेगा। सबसे बड़ी सिंगपुरा टनल का काम सबसे तेजी से चल रहा है। पहाड़ी क्षेत्र में खुदाई में कई बाधाएं आ रही हैं। 20 फीट ऊंची और 20 फीट चौड़ी टनल को प्रतिदिन लगभग 6 मीटर की गति से खोदा जा रहा है। कमजोर चट्टानों वाले हिस्सों में सुरक्षा के लिए लोहे के मोटे पाइप लगाए जा रहे हैं, जबकि निर्माण के बाद दोनों ओर मजबूत सीमेंट-कंक्रीट की दीवारें बनाई जा रही है। टनल में बड़े पाइपों के जरिए शुद्ध हवा पहुंचाई जा रही है।
अनुमानित लागत : लगभग 2,248 करोड़ रुपए (राज्य व केंद्र सरकार का बजट)
सिंचाई व जलापूर्ति : लगभग 42,000 हेक्टेयर भूमि तक सिंचाई जल पहुंचेगा
338 से अधिक गांवों के किसानों को सीधा मिलेगा लाभ।
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