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CM Yuva Sambal Scheme : बांसवाडा जिले में बेरोजगारों को भत्ता दिलाने के लिए लागू की गई इंटर्नशिप योजना अब बाधा बनती दिख रही है। आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 5073 बेरोजगार रजिस्टर्ड है, लेकिन इनमें से केवल करीब 3400 ही भत्ता प्राप्त कर पा रहे हैं। शेष बेरोजगार योजना से वंचित है।
उल्लेखनीय है कि बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहयोग देने के लिए साल 2012 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने यह योजना शुरू की थी। इसके बाद 2019 में योजना को नया रूप देकर 'मुख्यमंत्री युवा संबल योजना" नाम दिया गया। इसमें भत्ता राशि बढ़ाई गई और इंटर्नशिप की शर्त जोड़ी गई थी। यह भत्ता अधिकतम दो साल तक अथवा तीस वर्ष की आयु होने तक बेरोजगारों को दिया जाता है।
इंटर्नशिप के तहत बेरोजगार युवकों को भत्ता पाने के लिए प्रतिदिन करीब चार घंटे बताए गए विभाग में कार्य करना होता है और विभाग से उपस्थिति का प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य होता है। ऐसे में कई बेरोजगार अभ्यर्थी इंटर्नशिप करने के लिए नहीं पहुंचते हैं और भत्ता पाने से वंचित रह जाते हैं। जानकारी के अनुसार विभाग से वर्तमान में पुरुष बेरोजगार को 4 हजार रुपए एवं महिला बेरोजगार को साढ़े 4 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।
बेरोजगार भत्ते से दूरी का एक मुख्य कारण भत्ता राशि का कम होना है। वर्तमान में जितना भत्ता बेरोजगार को मिलता है, उसकी करीब आधी राशि प्रतिदिन इंटर्नशिप के दौरान विभाग में आने जाने पर खर्च हो जाती है। इसके अलावा जितनी राशि सरकार से मिलती है, उससे अधिक बेरोजगार युवकों को अन्य जगह कार्य करने से मिल जाती है, जिससे वे इसमें रुचि नहीं दिखाते।
हमारी कोशिश रहती है सभी बेरोजगार युवक इंटर्नशिप करें और बेरोजगार भत्ते का लाभ लें। हमारी ओर से योग्यतानुसार विभाग भी अलॉट किया जाता है। कुछ विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार ज्वॉइन कर लेते हैं तो कुछ अन्य कारण से ज्वॉइन नहीं करते।
केआर मेघवाल, जिला रोजगार अधिकारी, बांसवाड़ा
Published on:
23 Feb 2026 02:08 pm
