
Banswara maternal death case: राजस्थान के बांसवाड़ा जिला अस्पताल में पिछले दिनों हुई 4 प्रसूताओं की दर्दनाक मौत के बाद अब उनके पीछे छूटे मासूम नवजातों की परवरिश का संकट गहरा गया है। एक तरफ जहां एक नवजात जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। वहीं, दूसरी तरफ एक मासूम को मां के दूध के अभाव में उसके ननिहाल वाले बकरी का दूध पिलाकर पालने को मजबूर हैं। इस हृदयविदारक घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और उन्होंने चिकित्साकर्मियों पर घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
घाटोल क्षेत्र के सवनिया गांव की निवासी 21 वर्षीय प्रसूता लक्ष्मी (पत्नी अरविंद) की प्रसव के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टॉफ की अनदेखी ने लक्ष्मी की जान ली है। परिजनों के अनुसार, 8 जुलाई को जब लक्ष्मी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब उसका हीमोग्लोबिन (ब्लड) मात्र 7.40 ग्राम था। इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद डॉक्टरों ने सब कुछ सामान्य बताया।
रात 12 बजे खून चढ़ाने की बात कही गई। 9 जुलाई को जैसे ही खून चढ़ना शुरू हुआ, लक्ष्मी को अचानक अत्यधिक पसीना आने लगा और घबराहट होने लगी। सही समय पर उचित देखभाल न मिलने के कारण अगले ही दिन उसने दम तोड़ दिया। मां की मौत के बाद मासूम बच्चा फिलहाल अपने पीहर (ननिहाल) में है, जहां परिजन उसे बकरी का दूध पिलाकर किसी तरह जिंदा रखे हुए हैं।
दूसरी दुखद घटना गढ़ी क्षेत्र की मलाना ग्राम पंचायत के कानेला गांव की है। यहां 33 वर्षीय प्रसूता लीला (पत्नी विजय खांट) की मौत के बाद परिजनों में भारी रोष है। लीला की यह पहली डिलीवरी थी। परिजनों ने बताया कि लीला की सभी स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य थीं और उसका ब्लड भी 12 ग्राम था।
प्रसव पीड़ा होने पर उसे पहले गढ़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। 9 जुलाई की सुबह 7 बजे सिजेरियन ऑपरेशन (सी-सेक्शन) के जरिए उसने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद उसकी स्थिति सामान्य थी, लेकिन 10 जुलाई की सुबह 6 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और दांत जकड़ गए।
डॉक्टरों ने आनन-फानन में उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा और खून की आवश्यकता जताई। लेकिन इससे पहले कि खून का इंतजाम होता और उसे चढ़ाया जाता, लीला ने दम तोड़ दिया। वर्तमान में मृतका का नवजात शिशु जिला अस्पताल के आईसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट पर अपनी सांसों की लड़ाई लड़ रहा है।