Banswara News : कोर्ट के आदेश के बाद अधिशाषी अभियंता जल संसाधन विभाग (सोम कमला आंबा बांध नहर खंड, आसपुर) की भूमि और भवन को कुर्क करने का नोटिस जारी कर दिया गया है। कुर्की के नोटिस चस्पा होने से समूचे महकमे में हड़कंप मच गया है।
Banswara News : राजस्थान सरकार और ठेका कम्पनी भारती कंस्ट्रक्शन कंपनी के बीच तीन दशकों से चल रहा कानूनी विवाद अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। न्यायालय के आदेश के बाद अधिशाषी अभियंता जल संसाधन विभाग (सोम कमला आंबा बांध नहर खंड, आसपुर) की भूमि और भवन को कुर्क करने का नोटिस जारी कर दिया गया है। विभाग के कार्यालय, पुलिस थाने और सार्वजनिक स्थलों पर कुर्की के नोटिस चस्पा होने से समूचे महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामले की शुरुआत सोम कमला आंबा बांध की बड़ौदा ब्रांच केनाल के निर्माण कार्य से हुई थी। भारती कंस्ट्रक्शन कंपनी (बांसवाडा) ने निविदा के माध्यम से तीन अलग-अलग साइट्स पर नहर में निर्माण का कार्य पूर्ण किया था।
कंपनी ने कार्य के एवज में एक करोड़ 7 लाख रुपए के बिल विभाग को सौंपे। भुगतान को लेकर विभाग और कंपनी के बीच मतभेद पैदा हुआ, जो कानूनी लड़ाई में बदल गया। वर्ष 2000-2005 में राज्य सरकार के आदेश पर सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता (एकल मध्यस्थ) ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया।
वर्ष 2012 जल संसाधन विभाग ने इस फैसले को जिला न्यायालय उदयपुर चुनौती दी। न्यायालय ने ब्याज और काउंटर क्लेम की राशि कम करते हुए पंचाट के निर्णय को यथावत रखा। न्यायालय के आदेश के बावजूद विभाग ने भुगतान नहीं किया। मामला वित्त विभाग और पत्राचार के बीच फंसा रहा।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विभाग की लापरवाही के कारण राज्य सरकार पर प्रतिदिन ब्याज का भार बढ़ रहा है। भुगतान न करने की स्थिति में अब विभाग की बिल्डिंग कुर्क करने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। तीनों प्रकरणों में अलग-अलग कुर्की नोटिस जारी किए गए हैं।