Rajasthan : बांसवाड़ा जिले के महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में साधन-सुविधाएं बेपटरी हैं। यहां जनाना वार्ड में चूहों की उछल-कूद बनी हुई है। पूरी कहानी पढ़ेंगे तो कहेंगे हद कर दी है आपने।
Rajasthan : बांसवाड़ा जिले के महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में साधन-सुविधाएं बेपटरी हैं। यहां जनाना वार्ड में चूहों की उछल-कूद बनी हुई है। गंदगी से संक्रमण का भी खतरा मंडरा रहा है। यहां प्रसूताओं को ‘दोहरे दर्द’ से गुजरना पड़ रहा है। डिलीवरी के बाद महिलाओं को यहां 3 अलग-अलग वार्ड में भर्ती करने की व्यवस्था है। पर, तीनों ही वार्डों के हालत खराब हैं। प्रसूताओं के चारों तरफ गंदगी पसरी हुई है।
कक्षों के अंदर झूठन, तो लटकते जाले सिस्टम की बेपरवाही दिखा रहे हैं। कक्षों में सफाई व्यवस्था बौनी है। जनाना वार्ड में बड़े-बड़े चूहे कभी पलंगों पर चढ़ रहे हैं, तो कभी चढ़ती हुई बोतलों पर लटक कर आतंकित कर रहे हैं। ऐसे में परिजन प्रसूता एवं नवजात को चूहों से बचाने की जुगत में लगे रहते हैं। कोटा में एक साथ चार प्रसूताओं की मौत के बाद पत्रिका संवाददाता ने सोमवार को एमजी चिकित्सालय में पड़ताल की तो अव्यवस्थाएं व लापरवाही सामने आई।
जनाना वार्ड में कहने को आरओ प्लांट लगा है। पर, प्लांट के पास ही गंदगी का आलम है। वाटर कूलर के पास जाले लटक रहे हैं, तो यहां आने वाले मरीजों के परिजनों ने रोक-टोक नहीं होने से झूठन छोड़ रखी है। समय पर झूठन की सफाई नहीं होने से कीड़े पनप रहे हैं। इसके साथ ही नलों के पास ही गुटखों की पीक सनी हुई है।
जिला अस्पताल में हर माह औसत 300 से अधिक डिलीवरी होती हैं। यहां एक समय में 30 से अधिक प्रसूताओं को वार्ड में भर्ती करने के बंदोबस्त हैं। हालांकि, इस साल जिला अस्पताल में प्रसव दौरान एक भी प्रसूता की मौत नहीं हुई है। 80 फीसदी से अधिक महिलाओं की डिलीवरी नॉर्मल हुई है।
माह-प्रसव
जनवरी - 467
फरवरी - 358
मार्च - 370
अप्रेल - 345
10 मई तक - 110।
1- वार्डों की नियमित सफाई का अभाव।
2- वार्डों में खुली-उलझी वायरिंग।
3- जगह-जगह खुले पड़े स्विच बोर्ड।
4- वार्डों में जूतों के साथ प्रवेश।
5- पान-मसालों के साथ प्रवेश पर कोई रोक-टोक नहीं।
6- वार्ड में भर्ती प्रसूताओं के साथ ही अन्य लोगों का भी प्रवेश।
7- कक्ष में पंखों की कमी, कूलर बंद।
जनाना वार्ड में संक्रमण की बात सामने आई है, तो तत्काल ही नर्सिंग अधीक्षक, चिकित्साधिकारियों के साथ निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारेंगे। आवश्यक हुआ, तो प्रशासन से सहयोग लिया जाएगा। वार्ड प्रभारियों को सफाई को लेकर पाबंद किया जाएगा।
डाॅ. दामोदर गोयल, कार्यवाहक प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, जिला अस्पताल, बांसवाड़ा