
Mukhyamantri Kanyadan Yojana : राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल बनकर उभरी है। योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को पुत्रियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता देकर सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन की दिशा में सहयोग दिया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक संदीप मछार ने बताया कि तीन वर्षों में जिले के 3490 पात्र परिवारों को योजना से लाभान्वित किया है।
बांसवाड़ा में अनुसूचित जाति वर्ग के 194, अनुसूचित जनजाति वर्ग के 3112 तथा अन्य सामान्य वर्ग के 184 परिवार शामिल हैं। इन लाभार्थियों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से कुल 14 करोड़ 38 लाख 48 हजार रुपए की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की गई है।
योजना का लाभ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर बीपीएल एवं अंत्योदय कार्डधारी परिवारों, विधवा एवं निराश्रित महिलाओं की पुत्रियों, महिला खिलाड़ियों, विशेष योग्यजन की पुत्रियों तथा पालनहार योजना से लाभान्वित परिवारों की पुत्रियों को दिया जाता है। पात्र पुत्री के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद विधिवत विवाह पर 21 हजार रुपए से 51 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।
योजना के आवेदन ऑनलाइन एसएसओ पोर्टल के माध्यम से आमंत्रित किए जाते हैं। योजना के तहत बेटियों की शिक्षा को भी प्रोत्साहित किया जाता है। शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है, जिसमें 10वीं उत्तीर्ण पुत्री को 10 हजार रुपए तथा स्नातक उत्तीर्ण पुत्री को 20 हजार रुपए की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाती है। इससे विवाह सम्बंधी खर्चों का बोझ कम हुआ और बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए भी प्रेरणा मिली।
संदीप मछार, उपनिदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, बांसवाड़ा
एक अन्या खबर के अनुसार बांसवाड़ा शहर की 1.20 लाख उपभोक्ताओं के दूषित और मटमैले पानी की समस्या से काफी हद तक राहत मिल गई है। हर साल गर्मी की दस्तक के साथ ही शहरवासी पूरे गर्मी की ऋतु में पीला और बदबूदार पानी से हलक तर करने को मजबूर होते हैं। पर, इस बार राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए गए समाचारों के बाद जिला कलक्टर डॉ. इन्द्रजीत यादव के निर्देश पर व्यवस्थाओं में बदलाव किया है और शहर के अधिकांश मोहल्लों में साफ पानी आना शुरू हो गया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर कागदी केनाल में जल प्रवाह शुरू कर देने से शहरी जलापूर्ति में सुधार हुआ है।