Rajasthan Politics : पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने भाजपा सरकार को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि सरकार के दबाव में फैसला नहीं बदलूंगा। साथ ही कहा चुनाव में मैं नहीं, भाजपा हारी थी।
Rajasthan Politics : पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने भाजपा सरकार पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि वे भाजपा छोड़ कांग्रेस में जाने के फैसले पर डटे रहेंगे। कांग्रेस में घर वापसी के तीसरे ही दिन उनके कारोबारी ठिकानों पर एसीबी की टीमें पहुंचने के अगले दिन बुधवार को उन्होंने अपने गांव नाहरपुरा (आनंदपुरी) में एक सभा भी की। मालवीया ने सवालों के जवाब भी दिए।
सवाल : भाजपा छोड़ने का कारण क्या रहा?
जवाब : विकास और काम। भाजपा टीएसपी क्षेत्र में चल ही नहीं सकती। किसान खाद के संकट से जूझते रहे। मनरेगा का दो-दो साल से भुगतान नहीं हो रहा है।
सवाल : एसीबी टीम ने क्या पूछा?
जवाब : उन्होंने पेट्रोल पंप व क्रशर गिट्टी प्लांट पर पूछा कि कब से लाइसेंस है, कितनी बिक्री है, पैसा कैसे जमा हो रहा है। मैं आपको बता दूं, सब कुछ ऑनलाइन है।
सवाल : क्या आप अपना फैसला बदल सकते हैं?
जवाब : 11 जनवरी को कांग्रेस को मेरा सदस्यता प्रस्ताव चला गया। कोई कितना भी दबाव डाल दे, मैं अडिग हूं। मैं अपना फैसला नहीं बदलूंगा।
सवाल : भारत आदिवासी पार्टी कांग्रेस के लिए कितनी बड़ी चुनौती है?
जवाब : चुनौती है, मगर मामा बालेश्वरदयाल की पार्टी भी एक वक्त के बाद यहां खत्म हो गई। वह बीएपी से भी ज्यादा प्रभावी थी।
सवाल : भाजपा ने कहा- दो मौके दिए, फिर क्या कमी रह गई?
जवाब : इससे मैं कहां इनकार कर रहा हूं। अच्छी बात है। यहां मैं थोड़े ही हारा, भाजपा पार्टी हारी।
सवाल : आपकी पत्नी भी साथ आएंगी?
जवाब : बिल्कुल, वह भी कांग्रेस जॉइन करेंगी। एक घर में दो पार्टी कैसे रह सकती है।
सवाल : कांग्रेस जिला अध्यक्ष अर्जुन बामनिया से आपके मतभेद हैं… कैसे पटरी बैठाएंगे?
जवाब : पार्टी में मुझे उनसे कोई चुनौती नहीं है। ऐसी कोई बात नहीं है। हमारे संबंध हैं। मतभेद हो सकते हैंं, मनभेद नहीं है।
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