Rajasthan Roadways : राजस्थान रोडवेज ने नया प्रयोग शुरू किया। रिटायर परिचालकों के लिए नई योजना 'स्पाई' बनाई। चयन के बाद फिक्स पारिश्रमिक मिलेगा। पर सेवा की शर्तें बेहद सख्त हैं।
Rajasthan Roadways : राजस्थान रोडवेज में परिचालकों के अकाल पर प्रबंधन के नए प्रयोग में सेवानिवृत्त परिचालक अनुबंध योजना यानी 'स्पाई' की कवायद की है। इसके तहत प्रदेश के 34 आगारों में रिक्त 250 परिचालक भरने के लिए अस्थायी इतंजाम रिटायर परिचालकों से किया जाएगा। हालांकि कायदे काफी सख्त रखे गए हैं, जिससे स्पाई से रिक्त पदों का गड्ढा भरेगा, इसमें संशय है। बावजूद इसके, परिचालकों की कमी से कई दफा शिड्यूल निरस्त करने से राजस्व के नुकसान और यात्रियों को परेशानी की शिकायतें बढ़ने के मद्देनजर निगम ने सालभर के ठेके पर रिटायर परिचालाकों को करार के तहत वापस लेने का निर्णय किया है।
इनका चयन आगार स्तर पर मुख्य प्रबंधक की अध्यक्षता में कमेटी चयन करेगी, जो फिक्स पारिश्रमिक पर सेवाएं देंगे। इसे लेकर रोडवेज मुख्यालय से प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा की ओर से गाइडलाइन जारी करने पर कार्यकारी निदेशक (यातायात) डॉ. ज्योतिसिंह चौहान ने 34 डिपो के मुख्य प्रबंधकों को स्पाई के क्रियान्यवन मंजूरी दी है।
मौजूदा हालात देखें तो रोडवेज के 34 आगारों में सबसे ज्यादा उदयपुर में परिचालकों के 15 पद खाली हैं। जोधपुर, सीकर और सरदारशहर में 11-11, वैशालीनगर जयपुर, नागौर, पाली, अलवर और चित्तौडगढ़़ में 10-10, भीलवाड़ा, बीकानेर और हनुमानगढ़ में 9-9, ब्यावर और श्रीगंगानगर में 8-8, डूंगरपुर, आबूरोड, बूंदी, कोटा, कोटपुतली और टोंक में 7-7, बारां, डीडवाना, फलौदी और राजसमंद में 6-6, अजयमेरु, अनूपगढ़, बांसवाड़ा, धौलपुर, जालौर, झुंझुनूं में पांच-पांच, अजमेर में चार, चूरू, फालना और शाहपुरा में तीन-तीन परिचालक पद रिक्त चल रहे हैं, जिससे शिड्यूल प्रभावित होने के हालात हैं।
चयन के बाद संतोषप्रद कामकाज में एक वर्ष के बाद आगे निगम की जरूरत पर सेवा निरंतरता भी दी जा जाएगी। अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष तक रहेगी। इससे अधिक उम्र पर मेडिकल मुआयना करा कर सेवा बरकरार रखने का प्रस्ताव भेजा जाता है तो जयपुर स्तर पर महाप्रबंधक यातायात की अध्यक्षता में कमेटी निर्णय करेगी।
जारी गाइडलाइन में 18 हजार रुपए मासिक मानदेय के अलावा शत प्रतिशत यात्रीभार पर चार हजार रुपए इंसेंटिव दिया जाएगा। 91 फीसदी से कम यात्रीभार पर कोई इंसेंटिव नहीं मिलेगा। सेवाकाल में साप्ताहिक अवकाश देय होगा, वहीं अवकाश के बिना ड्यूटी से गैरहाजिर होने पर एक हजार रुपए प्रतिदिन की पेनल्टी होगी।
कार्मिक को वर्दी खुद लानी होगी, वहीं नेमप्लेट लगाना अनिवार्य रहेगा। स्टाम्प पर अनुबंध के तहत कार्मिक को 15 हजार रुपए सुरक्षा राशि और इटीआईएम मशीन के 20 हजार यानी कुल 35 हजार रुपए जमा कराने होंगे। नियुक्ति शर्तों के उल्लंघन पर संविदा समाप्ति होगी। ऐसी स्थिति पर सिक्योरिटी राशि जब्त होगी। मशीन भी सही सलामत सौंपने पर ही राशि वापस मिलेगी
रिटायर परिचालकों के चयन संबंधित दिशा-निर्देश मिले हैं। बांसवाड़ा में 5 पदों के लिए अनुपालना की जाएगी।
मनीष जोशी, मुख्य प्रबंधक बांसवाड़ा आगार