बांसवाड़ा

राजस्थान में इस नगरपालिका के अध्यक्ष पद के लिए हो रही रोचक लड़ाई, भाजपा परेशान-अब क्या करे

Rajasthan News : राजस्थान में इस नगरपालिका के अध्यक्ष पद के लिए रोचक लड़ाई हो रही है। 20 में से 15 पार्षद होने के बाद भी भाजपा निर्विरोध अध्यक्ष नहीं बना सकी है। भाजपा परेशान है। अब 20 जनवरी को मतदान हो सकता है। जानें पूरा मामला।

2 min read

Rajasthan News : राजस्थान में इस नगरपालिका के अध्यक्ष पद के लिए रोचक लड़ाई हो रही है। 20 में से 15 पार्षद होने के बाद भी भाजपा निर्विरोध अध्यक्ष नहीं बना सकी है। भाजपा परेशान है। कुशलगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष पद पर गुरुवार को नामांकन वापसी के अंतिम दिन निवर्तमान अध्यक्ष जितेंद्र अहारी के डटे रहने से 20 तारीख को तय मतदान का मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इधर, नगर मण्डल अध्यक्ष जिनेन्द्र सेठिया सहित अन्य नेता और पदाधिकारी जितेंद्र अहारी को मनाने की कोशिश में लगे रहे, लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका। उनकी कोशिशें नाकाम रही। 20 में से 15 पार्षदों के साथ पूर्ण बहुमत होने के बावजूद भाजपा अपना निर्विरोध अध्यक्ष बनाने में नाकाम रही है।

प्रमिला जीत के प्रति आश्वस्त

इधर, भाजपा के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरीं प्रमिला मईड़ा अपनी जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं। उन्हें विश्वास है कि दो निर्दलीय पार्षदों सहित पार्टी के सभी पार्षद संगठन के अनुशासन से उनके पक्ष में मतदान करेंगे। इधर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रजनीकांत खाब्या ने बताया कि आलाकमान से जो भी निर्देश मिलेगा, उसकी पालना करेंगे।

जितेन्द्र अहारी के पास आ गई ‘चाबी’

उपखण्ड व निर्वाचन अधिकारी ऋषिराज कपिल ने कहा कि नामांकन वापसी के अंतिम दिन प्रमिला मईड़ा ने निर्दलीय के रूप में भरा नामांकन वापस ले लिया। निर्दलीय जितेंद्र अहारी के नामांकन वापस नहीं लेने से सोमवार को मतदान के लिए उन्हें चाबी का चुनाव चिह्न आवंटित किया है।

बड़े पदाधिकारी बांध रहे पाल

मतदान की नौबत टालने व भाजपा की साख बचाने के लिए पूर्व संसदीय सचिव भीमा भाई डामोर, जिला महामंत्री दीपसिंह वसुनिया, नगर मण्डल अध्यक्ष जिनेन्द्र सेठिया आदि भाजपा पार्षदों मिले और उनसे संगठन के साथ रहने व पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार प्रमिला मईड़ा के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

इसलिए हटाया था चेयरमैन को

पूर्व पालिका अध्यक्ष बबलू मईड़ा पर नियम विरुद्ध वाहन खरीदने, फर्म विशेष को टेंडर देने सहित अन्य आरोपों की पुष्टि के बाद राज्य सरकार ने उन्हें बर्खास्त कर 6 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। रिक्त अध्यक्ष पद पर चुनाव हो रहा है।

बहुमत के लिए चाहिए 11 पार्षद

अध्यक्ष पद के लिए 11 पार्षद की जरूरत है। फिलहाल नगर पालिका में भाजपा के 15, कांग्रेस के 2 ओर 3 निर्दलीय पार्षद है। एक निर्दलीय और भाजपा के 7 से 8 पार्षद जितेंद्र के साथ होने का दावा किया जा रहा है, वही यदि भाजपा को रोकने कांग्रेस के 2 पार्षद निर्दलीय अहारी के पक्ष में मतदान कर देते हैं तो भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Published on:
17 Jan 2025 03:38 pm
Also Read
View All

अगली खबर