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बांसवाड़ा. घाटोल. क्षेत्र में महिलाओं के पूर्ण शराबंदी आंदोलन ने मंगलवार को जोर पकड़ लिया। सुबह सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं हाथों में लाठियां लेकर सेनावासा पुलिस चौकी पहुंच गई। महिलाओं ने पुलिस चौकी का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया। दो माह बाद भी शराब के अड्डे बंद नहीं होने पर खरी-खरी सुनाई। मंगलवार को सेनावासा सहित आसपास के गांवों की महिलाओं ने शराब के अड्डों के खिलाफ रैली निकाली। पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में सेनावासा पुलिस चौकी का घेराव किया। महिलाओं के आक्रोश को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने समझाइश कर मामला शांत किया। महिलाओं का कहना था कि शराब के अड्डे तत्काल बंद हों। इस पर पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई का भरोसा दिया।
पंचायत से जारी कराया फरमान
इधर उपखण्ड के बडलिया में भी महिलाओं ने भी शराब के अड्डों के खिलाफ रैली निकाली। बड़ी संख्या में महिलाएं रैली के रूप में सरपंच के पास पहुंची। उन्होंने सरपंच रेखा कुमारी से पूर्ण शराब बंदी का फरमान जारी कराया। इसमें कहा गया कि पंचायत क्षेत्र में जो भी शराब बेचेगा उसके ठिकानों पर यादि महिलाएं तोडफ़ोड़ करती है तो उसकी जिम्मेदारी आरोपी की होगी। चेतावनी के बाद भी क्षेत्र में कोई शराब बेचता पकड़ा जाने पर उससे इक्यावन हजार रुपए राशि का जुर्माना वसूला जाएगा। सरपंच ने बीस लोगों की कमेटी भी गठित कराई जो क्षेत्र में पूर्ण शराबबंदी की पालना कराएगी। अर्जुन कटारा को कमेटी का अध्यक्ष एवं रणजीतसिंह को उपाध्यक्ष, पवन कुमार कटारा सचिव, महिला कमेटी की अध्यक्ष मोंगी बाई को नियुक्त किया गया है। इस दौरान महिलाओं व ग्रामीणों ने पंचायत क्षेत्र को शराब मुक्त करने की शपथ ली।
विभाग की कार्यशैली पर सवाल
दो माह से चल रहे आंदोलन के बाद भी आबकारी विभाग एवं पुलिस की ओर से ठोस कदम नहीं उठाना सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन, सडक़ जाम आदि के बाद भी शराब के अड्डों के खिलाफ चुप्पी साधना बड़ा सवाल खड़ा होता है।