
Two Brothers Drowned Gomti River: बाराबंकी जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। हैदरगढ़ स्थित प्रसिद्ध अवसानेश्वर मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक करने पहुंचे दो सगे भाइयों की गोमती नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में शोक की लहर फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों भाइयों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
लोनीकटरा थाना क्षेत्र के बुढनापुर गांव निवासी अशोक पाण्डेय के 18 वर्षीय पुत्र गजेंद्र पाण्डेय उर्फ हनी और 14 वर्षीय देवेंद्र पाण्डेय उर्फ हैप्पी बुधवार सुबह हैदरगढ़ स्थित अवसानेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। सावन माह के चलते मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ भी मौजूद थी। पूजा-अर्चना से पहले दोनों भाई मंदिर के पास बने गोमती नदी के स्नान घाट पर नहाने के लिए उतर गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्नान के दौरान अचानक एक भाई गहरे पानी में पहुंच गया और डूबने लगा। अपने भाई को संकट में देखकर दूसरे भाई ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी तेज बहाव और गहराई की चपेट में आ गया। देखते ही देखते दोनों भाई नदी में डूब गए। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तत्काल मदद के लिए आवाज लगाई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। काफी देर तक चले राहत अभियान के बाद गोताखोरों ने दोनों भाइयों को नदी से बाहर निकाला। हालांकि, तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दो जवान बेटों की एक साथ मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। माता-पिता बदहवास हो गए और रिश्तेदारों की आंखें नम हो गईं। बुढनापुर गांव में भी शोक का माहौल छा गया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों भाई मिलनसार स्वभाव के थे और परिवार की उम्मीदों का सहारा थे। एक ही परिवार से दो बेटों की असमय मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।
सावन माह में अवसानेश्वर मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में नदी, तालाब और अन्य जल स्रोतों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्नान घाटों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।