Toll Plaza Viral Video Barabanki: बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र में एनएच-731 स्थित गोतौना टोल प्लाजा पर हाईकोर्ट लखनऊ जा रहे अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ टोल कर्मियों ने मारपीट की। फास्टैग समाप्त होने पर नकद रसीद को लेकर विवाद बढ़ा, घटना का वीडियो वायरल होने से अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश फैल गया।
Toll Plaza Incident: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में कानून व्यवस्था और टोल प्लाजा संचालन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। हैदरगढ़ क्षेत्र में नेशनल हाइवे–731 पर स्थित गोतौना टोल प्लाजा पर बुधवार को हाईकोर्ट लखनऊ जा रहे एक अधिवक्ता के साथ टोल कर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। पीड़ित अधिवक्ता को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि घटना को लेकर अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला लखनऊ हाईकोर्ट में पेशी के लिए जा रहे थे। बुधवार को जब वह अपनी कार से नेशनल हाइवे–731 पर स्थित गोतौना टोल प्लाजा पहुंचे, तो उनके वाहन का फास्टैग बैलेंस समाप्त हो चुका था। इस पर उन्होंने नियमों के अनुसार नकद भुगतान कर रसीद लेने की बात कही।
बताया जा रहा है कि नकद भुगतान और रसीद को लेकर टोल कर्मियों से अधिवक्ता की कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान टोल कर्मियों का व्यवहार आक्रामक हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि टोल कर्मियों ने अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान अधिवक्ता को गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
घटना का वीडियो वायरल होते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वीडियो में टोल कर्मियों द्वारा अधिवक्ता के साथ हाथापाई करते हुए साफ देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
घटना की जानकारी मिलते ही तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ता बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंचे। अधिवक्ताओं ने घटना को कानून व्यवस्था पर सीधा हमला बताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा। अधिवक्ताओं ने टोल प्लाजा प्रबंधन पर मनमानी और गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घटना में शामिल टोल कर्मियों की पहचान वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना को लेकर बार काउंसिल ने भी गंभीर रुख अपनाया है। बार काउंसिल ने अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट की घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। काउंसिल का कहना है कि टोल प्लाजा जैसे सार्वजनिक स्थलों पर अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। बार काउंसिल के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर टोल प्लाजा संचालन और वहां कार्यरत कर्मचारियों के व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा पर आए दिन विवाद होते रहते हैं, लेकिन इस तरह की हिंसक घटना पहली बार सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि टोल प्लाजा कर्मचारियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण और स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही टोल प्लाजा प्रबंधन से भी जवाब तलब किया जाएगा कि आखिर विवाद किस वजह से इतना बढ़ा।