
Lodheshwar Mahadeva Sawan Somwar: सावन मास के तीसरे सोमवार पर प्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा महादेवा क्षेत्र शिव भक्ति में डूबा नजर आया। रविवार शाम से ही प्रदेश के अलग-अलग जिलों से श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। देर रात तक मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और आसपास के मार्ग शिव भक्तों से पट गए। अर्धरात्रि से मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच भक्तों ने बाबा लोधेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सावन के तीसरे सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं में कई दिनों से उत्साह बना हुआ था। रविवार शाम होते-होते महादेवा की ओर आने वाले मार्गों पर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। लखनऊ, उन्नाव, कानपुर, झांसी, उरई, जालौन, एटा, इटावा, मैनपुरी, कन्नौज, हमीरपुर, रायबरेली, सीतापुर, बहराइच, गोंडा और अयोध्या समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दुपहिया और चौपहिया वाहनों से महादेवा पहुंचे। कई श्रद्धालु परिवार के साथ बाबा के दर्शन करने आए तो बड़ी संख्या में युवा कांवड़ लेकर पैदल और वाहनों से मंदिर पहुंचे।
रेल मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी रही। बड़ी संख्या में शिवभक्त ट्रेन से बुढ़वल जंक्शन पहुंचे और वहां से महादेवा के लिए रवाना हुए। स्टेशन से लेकर महादेवा तक जगह-जगह शिव भक्तों की टोलियां दिखाई देती रहीं। डाक कांवड़ लेकर पहुंचे युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। कांवड़ियों के जयघोष और भक्ति गीतों से रास्ते भी शिवमय हो उठे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के कपाट अर्धरात्रि से ही खोल दिए गए। मंदिर के पट खुलते ही दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। जालीदार बैरिकेडिंग के बीच कतारबद्ध होकर भक्त धीरे-धीरे गर्भगृह की ओर बढ़ते रहे। बाबा के दर्शन की बारी आते ही श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ जल, दूध और बेलपत्र अर्पित किए। कई भक्तों ने भगवान लोधेश्वर का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-शांति और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की।
भोर होते-होते मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर भीड़ और बढ़ गई। चारों तरफ भगवा वस्त्रों में कांवड़िए, हाथों में जल लिए श्रद्धालु और शिव भक्ति में लीन महिलाएं व बच्चे दिखाई दिए। हर-हर महादेव, बम-बम भोले और जय भोलेनाथ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। मंदिर की ओर बढ़ती हर कतार में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम दिखाई दिया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए थे। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय रविवार रात से ही मेला क्षेत्र में कैंप कर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, एसडीएम आकांक्षा गुप्ता, सीओ गरिमा पंत और तहसीलदार विपुल कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी भी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
प्रमुख प्रवेश द्वार पर एसडीएम आकांक्षा गुप्ता, एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी, सीओ गरिमा पंत और तहसीलदार विपुल कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ स्वयं व्यवस्था संभालते दिखाई दिए। थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र यादव और महादेवा चौकी प्रभारी रजनीश पांडेय भी पुलिसकर्मियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था में जुटे रहे। छह सीओ, दो दर्जन से अधिक इंस्पेक्टर व थाना प्रभारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को मेला क्षेत्र में तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पीएसी की एक बटालियन भी लगाई गई।
रेल मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बुढ़वल जंक्शन पर भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई। आरपीएफ प्रभारी रवि कुमार के नेतृत्व में स्टेशन परिसर और महादेवा जाने वाले मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहा। गेट संख्या-303 समेत स्टेशन के महत्वपूर्ण स्थानों पर जवानों की ड्यूटी लगाई गई। स्टेशन के बाहर भी पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी रही, ताकि श्रद्धालुओं को महादेवा जाने और वापस लौटने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जीआरपी प्रभारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्र में लगातार गश्त की गई। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जवानों को सतर्क रखा गया। ट्रेनों से उतरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्टेशन से बाहर निकलने वाले मार्गों पर भी सुरक्षा बल सक्रिय रहा।
महादेवा में उमड़ी भारी भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रही। मेला क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिसकर्मी तैनात रहे। वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकाला गया और भीड़ वाले स्थानों पर आवश्यकतानुसार यातायात को नियंत्रित किया गया। श्रद्धालुओं के पैदल आवागमन और वाहनों की आवाजाही के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार सक्रिय रहे।
दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की संख्या बढ़ने के बावजूद पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। मेला क्षेत्र में भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की अपील करते रहे।
श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंदिर परिसर में निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए गए। होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और अंग्रेजी चिकित्सा पद्धति के शिविरों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने श्रद्धालुओं को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। डॉ. सौरभ सोनकर, डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. लक्ष्मी और डॉ. प्रिया सिंह ने सहयोगी स्टाफ के साथ शिविरों में सेवाएं दीं। गर्मी, लंबी कतार और अत्यधिक भीड़ के कारण किसी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्काल उपचार उपलब्ध कराया। चिकित्सा शिविरों में सामान्य बीमारियों और थकान से परेशान श्रद्धालुओं को दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से भीड़ में धैर्य बनाए रखने और किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तत्काल चिकित्सा शिविर पहुंचने की अपील की गई।
सावन के तीसरे सोमवार पर लोधेश्वर महादेवा में उमड़ी भीड़ ने बाबा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को एक बार फिर साबित कर दिया। लंबी कतारों, रातभर के सफर और भीड़ की परेशानी के बावजूद शिव भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी। कई श्रद्धालु घंटों कतार में खड़े रहने के बाद जब गर्भगृह तक पहुंचे तो उनके चेहरे पर दर्शन की खुशी साफ नजर आई।
मंदिर परिसर से लेकर मेला क्षेत्र और बुढ़वल जंक्शन तक हर तरफ शिव भक्तों की भीड़ दिखाई दी। कहीं कांवड़ियों की टोलियां बाबा के जयकारे लगाती नजर आईं तो कहीं परिवार के साथ पहुंचे श्रद्धालु भक्ति में लीन दिखे। पूरे क्षेत्र में घंटों तक हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। सावन के तीसरे सोमवार पर महादेवा नगरी का माहौल पूरी तरह शिवमय रहा और बाबा लोधेश्वर के दरबार में आस्था का यह विशाल संगम देर तक श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचता रहा।