उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में कार्यक्रम के दौरान सरकार के एक मात्र मुस्लिम मंत्री दनिश अंसारी बोले - यूपी में मदरसों पर न तो बुलडोजर चल रहा है, न ही हम उन्हें बंद करने जा रहे हैं। बल्कि हम मदरसों को उच्च शिक्षा से जोड़ रहे हैं।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 72वां जन्मदिन के मौके पर भाजपा आज कई कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी क्रम में बाराबंकी में भी आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री दानिश आजाद अंसारी पहुंचे। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश में गैर सरकारी मदरसों के सर्वे को लेकर जारी तमाम विवादों पर अपनी सफाई दी। मंत्री दानिश अंसारी ने कहा कि विपक्षी दलों के लोग मदरसों के सर्वे को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ये सर्वे केवल जानकारी इकट्ठा करने के लिये कराया जा रहा है। हम कहीं भी मदरसों की जांच नहीं करा रहे हैं। हम सिर्फ़ जानकारी जुटा रहे हैं, ये कोई जांच नहीं है।
उन्होंने कहा कि हम मुस्लिमों को भरोसा दिलाते हैं कि किसी भी मदरसे पर न तो बुल्डोजर चलाकर उसे गिराया जाएगा और न ही उसे बंद किया जाएगा।
योगी कैबिनेट के मंत्री ने दानिश अंसारी कहा कि हम मदरसों की बेहतरी के लिए सर्वे करा रहे हैं। हमारा लक्ष्य मदरसों को आधुनिक बनाना है और हम वही करने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार में मदरसों में दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा भी दी जा रही है। पहले की सभी सरकारों ने मुस्लिमों को केवल वोट बैंक की तरह ही इस्तेमाल किया है। केवल मोदी और योगी सरकार ने ही अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिये तमाम योजनाएं चलाई हैं। दानिश अंसारी ने कहा कि विपक्षी दलों के लोग मदरसों के सर्वे को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। हमारी मंशा मदरसों को बुरा नाम देना नहीं है। हम किसी मदरसे पर बुल्डोजर नहीं चलाएंगे।
उन्होंने कहा कि हम मदरसों के बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ रहे हैं। फंडिग का सवाल मदरसों की आय का श्रोत जानने के लिए किया जा रहा है। ताकि पता चल सके कि शिक्षकों को वेतन देने के पैसे हैं या नहीं।