
Agriculture Joint Director Anandilal Meena: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जिला परिषद बारां के कृषि अधिकारी (कृषि विस्तार के तत्कालीन संयुक्त निदेशक) आनन्दीलाल मीणा के खिलाफ जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। आरोपी पर खाद-बीज की दुकानों के स्टॉक रजिस्टर का प्रमाणीकरण करने के बदले प्रति दुकान 5 हजार रुपए रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि 4 मई 2026 को परिवादियों ने संयुक्त रूप से ब्यूरो कार्यालय, बारां में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत कर शिकायत की थी। आरोप था कि तत्कालीन संयुक्त निदेशक आनन्दीलाल मीणा खाद-बीज एवं कीटनाशक के स्टॉक रजिस्टर प्रमाणित करने के बदले प्रति दुकान 5 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं।
शिकायत के बाद एसीबी बारां ने गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान एक परिवादी से स्टॉक रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के लिए 5 हजार रुपए तथा दूसरे परिवादी से भी 5 हजार रुपए रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। इस दौरान आरोपी द्वारा एक परिवादी से 2 हजार रुपए रिश्वत लेने का भी सत्यापन हुआ। रिश्वत मांग की पुष्टि होने पर 6 मई 2026 को एसीबी चौकी बारां ने ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान आरोपी को एक परिवादी से 5 हजार रुपए तथा दूसरे परिवादी से 3 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। यह राशि एक लिफाफे में आरोपी के कार्यालय कक्ष की टेबल की दराज से बरामद हुई। मौके पर मौजूद टीम ने पूरी कार्रवाई को विधिवत रूप से दस्तावेजित किया और साक्ष्य सुरक्षित किए।
एसीबी के अनुसार रिश्वत की राशि के अलावा लिफाफे तथा आरोपी के बैग से मिले कुल 46,500 रुपए के संबंध में पूछताछ की लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर राशि को संदिग्ध मानते हुए ब्यूरो ने अपने कब्जे में ले लिया। ट्रैप कार्रवाई के बाद आरोपी आनन्दीलाल मीणा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ब्यूरो मुख्यालय में प्रकरण दर्ज किया गया। मामले की अग्रिम जांच डीएसपी अनीस अहमद ने की, जिसमें आरोप प्रमाणित पाए गए। इसके बाद गुरुवार को एसीबी ने सहायक निदेशक अभियोजन के माध्यम से आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। आरोपी 6 मई 2026 से न्यायिक अभिरक्षा में है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।