
Baran Panchayat Election Reservation Lottery: पंचायतीराज आम चुनाव 2026 को लेकर बारां जिले में गांवों की सरकार के गठन की कवायद तेज हो गई है। बुधवार को जिला कलक्ट्रेट में बारां जिला परिषद के 29 वार्ड, 10 पंचायत समितियों के 168 वार्ड और प्रधान पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। आरक्षण की स्थिति साफ होने के साथ ही जिले में चुनावी सरगर्मियां बढ़ गई हैं।
बता दें कि कई संभावित दावेदारों के चुनाव लड़ने के समीकरण बदल गए हैं, जबकि आरक्षित सीटों पर नए चेहरों के लिए रास्ता खुल गया है। पंच-सरपंच पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण गुरुवार को उपखंड स्तर पर किया जाएगा। इसके बाद गांवों में भी चुनावी तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।
परिसीमन एवं पुनर्गठन के बाद जिले में जिला परिषद के वार्डों की संख्या 25 से बढ़कर 29 हो गई है। वहीं 10 पंचायत समितियों में कुल 168 वार्ड हैं। पहले जिले में आठ पंचायत समितियां थीं। केलवाड़ा और नाहरगढ़ को नई पंचायत समितियां बनाया गया है।
केलवाड़ा, किशनगंज, मांगरोल, नाहरगढ़, शाहाबाद, बारां और अंता पंचायत समितियों में 15-15 वार्ड हैं। अटरू और छबड़ा में 19-19 तथा छीपाबड़ौद पंचायत समिति में 25 वार्ड हैं।
पिछले पंचायत समिति चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों को चार-चार पंचायत समितियों में बोर्ड बनाने में सफलता मिली थी। अंता, छबड़ा, छीपाबड़ौद और बारां में भाजपा के प्रधान बने थे, जबकि किशनगंज, शाहाबाद, अटरू और मांगरोल में कांग्रेस के प्रधान चुने गए थे। इस बार आरक्षण बदलने से दोनों दलों के दावेदारों के समीकरण भी बदलेंगे।
जिला प्रमुख पद के लिए कुछ दिन पहले जयपुर में आरक्षण की लॉटरी हो चुकी है। इसमें बारां जिला प्रमुख का पद अनारक्षित (सामान्य) रखा गया है। यानी इस पद पर सामान्य वर्ग के महिला-पुरुष दोनों चुनाव लड़ सकेंगे। पिछले चुनाव में जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित था।
बारां: अनारक्षित महिला
मांगरोल: एससी ओपन
छीपाबड़ौद: एससी महिला
केलवाड़ा: एसटी महिला
नाहरगढ़: एसटी ओपन
शाहाबाद: अनारक्षित
छबड़ा: अनारक्षित महिला
अंता: ओबीसी ओपन
किशनगंज: अनारक्षित महिला
अटरू: अनारक्षित
आरक्षण की लॉटरी के बाद अब राजनीतिक दल संभावित प्रत्याशियों के नामों पर मंथन शुरू करेंगे। वहीं गुरुवार को पंच-सरपंच पदों के आरक्षण के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।