IMD Rain Warning: राजस्थान में मौसम ने दोहरे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक तरफ पश्चिमी जिलों में भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है, वहीं कई इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है।
Rajasthan Weather Update: राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ लू का असर भी देखने को मिल रहा है। पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी और हीटवेव के साथ दक्षिण-पूर्वी जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। रविवार को राज्य में भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां, बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर और फलोदी में हीटवेव का असर रहा, तो झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और चूरू में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला।
राजस्थान में सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 46.6 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा जैसलमेर में 46.3 और फलोदी में 46 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम केन्द्र के अनुसार सोमवार को बांसवाड़ा, अलवर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, टोंक, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जैसलमेर, फलोदी और श्रीगंगानगर में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।
मौसम केन्द्र के अनुसार 11 मई से नए पश्चिमी विक्षोभ का दौर शुरू होगा। इसके असर से बीकानेर, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, जयपुर और भरतपुर जिले के उत्तरी भागों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
बारां जिले में खेती-बाड़ी का काम निपटाने के बाद अब बारिश का का मौसम नजदीक देखकर गांवों के लोग अपने कच्चे-पक्के घरों के टीन-टप्परों की छतोें की सार-संभाल तथा आवश्यक मरम्मत कार्य करने में लगे हुए हैं। ताकि बारिश के दिनों में वह अपने घरों में सुरक्षित रूप से रह सके। कच्चे घरों के टापरों की मरम्मत के लिए काफी वर्षो पहले गांवो के लोग नए कोल्हु टापरों पर चढ़ाकर करते थे लेकिन अब कोल्हुओं का स्थान सीमेन्ट और लोहे से बनी चद्दरों ने लिया है। घरों के टापरों पर अब अकसर लोग चद्दरें ही चढा रहे हैं। गांवों में अधिकांश ग्रामीण इन दिनों बारिश पूर्व की तैयारियां कर रहे हैं।
बारां के कस्बाथाना में केशव संयुक्त विद्यार्थी शाखा के स्वयंसेवकों ने भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर सराहनीय पहल की। सेवा कार्य के तहत शाखा के स्वयंसेवकों ने कस्बे के विभिन्न स्थानों पर 100 परिंडे लगाए। इस अभियान का उद्देश्य गर्मी के मौसम में बेजुबान पक्षियों के लिए दाने और पानी की व्यवस्था करना है। स्वयंसेवकों ने नियमित रूप से परिंडों में पानी व दाना भरने का संकल्प भी लिया। शाखा के कार्यकर्ताओं ने लोगों से भी गर्मी में पक्षियों की सेवा के लिए आगे आने और अपने घरों व सार्वजनिक स्थानों पर परिंडे लगाने की अपील की।