राजस्थान के कस्बाथाना गांव के लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए अक्सर मध्यप्रदेश की सीमा पार करते हैं। जिला मुख्यालय से दूर स्थित यह गांव स्वास्थ्य, शिक्षा, और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए दूसरे राज्य पर निर्भर है।
Rajasthan Border Village Kasbathana: राजस्थान की अंतिम सीमा पर बसे कस्बाथाना गांव के लोगों का जीवन दो राज्यों के बीच बंटा हुआ है। जिला और ब्लॉक मुख्यालय से अधिक दूरी होने के कारण गांव के लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सीमा पार करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इलाज, बाजार और कभी-कभी शिक्षा के लिए उन्हें मध्यप्रदेश के नजदीकी कस्बों का रुख करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के चलते कई बार मरीजों को तुरंत मध्यप्रदेश ले जाया जाता है।
दैनिक जरूरत का सामान खरीदने के लिए भी लोग वहीं के बाजार पर निर्भर हैं। हालांकि सीमा पार आवाजाही में प्रशासनिक और दस्तावेज़ी परेशानियाँ भी आती हैं, खासकर सरकारी योजनाओं और पहचान से जुड़े मामलों में।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीमावर्ती गांवों के लिए अलग से विकास योजना और सुविधाएं तय होनी चाहिए, ताकि लोगों को अपने ही राज्य में सभी जरूरी सेवाएं मिल सकें।
कस्बाथाना की यह स्थिति दिखाती है कि सिर्फ भौगोलिक सीमा खींच देने से विकास नहीं होता, उसके लिए जमीनी स्तर पर मजबूत व्यवस्था जरूरी है।
हम सीमावर्ती इलाके में रहते हैं, इसलिए हमें सामान लेने के लिए कई बार मध्यप्रदेश जाना पड़ता है। यहां बाजार की सुविधाएं सीमित हैं और कई जरूरी चीजें आसानी से उपलब्ध नहीं हो पातीं। सड़क तो बनी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर व्यापार को बढ़ावा नहीं मिल रहा। अच्छी बाजार व्यवस्था और सुविधाएं विकसित हों, तो लोगों को बाहर जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
— लखन राठौर, व्यापारी
खेती से जुड़ी कई जरूरतों के लिए हमें मध्यप्रदेश जाना पड़ता है। बीज, खाद और दवाइयां समय पर यहां नहीं मिल पातीं, कई बार मंडी में भी सही भाव नहीं मिलता, तो मजबूरी में दूसरी तरफ जाना पड़ता है। अच्छी कृषि सुविधाएं और बाजार उपलब्ध हों तो किसानों को राहत मिलेगी और खर्च भी कम होगा।
— हरीश, किसान
सीमावर्ती क्षेत्र होने से लोगों की आवाजाही दोनों राज्यों में बनी रहती है। क्षेत्र में गश्त और हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की हुई है। अवैध और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। आमजन से अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और संदिग्ध व्यक्ति या घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
— योगेश शर्मा, थाना अधिकारी कस्बाथाना