
Bareilly News: प्रेमनगर के मारवाड़ीगंज निवासी और आई-क्रस्ट (iCrust) मोबाइल नेटवर्क से जुड़े कारोबारी आशुतोष अग्रवाल के घर मंगलवार को हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई ने पूरे कारोबारियों में हलचल मचा दी। सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई जांच देर शाम तक चली। इस दौरान ईडी अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से घंटों पूछताछ की और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े तमाम दस्तावेजों की गहन पड़ताल की।
जांच टीम ने केवल आवास की तलाशी तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि कारोबारी के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, बैलेंस शीट, आय के स्रोत, निवेश, संपत्तियों और विभिन्न व्यावसायिक इकाइयों से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की। टीम ने कारोबार के विस्तार, निवेश के स्रोत और विभिन्न राज्यों में संचालित प्रतिष्ठानों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई।
बताया जा रहा है कि ईडी अधिकारियों ने जांच के दौरान कई पन्नों की प्रश्नावली तैयार कर कारोबारी को सौंपी है। इसमें बैंक खातों के संचालन, कंपनियों की संरचना, संपत्तियों, निवेश, लेनदेन और कारोबारी नेटवर्क से जुड़े अनेक बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक उत्तर के साथ संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य भी उपलब्ध कराने होंगे।
आई-क्रस्ट के 62 से अधिक स्टोर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों में संचालित हैं। नोएडा सेक्टर-18 में भी इसके बड़े शोरूम बताए जाते हैं। जांच एजेंसियां इन प्रतिष्ठानों की वित्तीय गतिविधियों और कारोबारी संरचना की भी जानकारी जुटा रही हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि समूह की हिस्सेदारी मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार के अलावा ज्वैलरी, सिगरेट वितरण, विद्युत सामग्री, औद्योगिक इकाइयों, रियल एस्टेट और होटल कारोबार तक फैली हुई है। बरेली के सिविल लाइंस स्थित एक प्रमुख ज्वैलरी शोरूम से लेकर उत्तराखंड और एनसीआर क्षेत्र की कई व्यावसायिक गतिविधियों का भी नाम चर्चाओं में सामने आ रहा है। हालांकि इन कारोबारी गतिविधियों की वास्तविक स्थिति और वैधता की पुष्टि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ईडी टीम ने आवास से प्राप्त डिजिटल डाटा, लैपटॉप, मोबाइल रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य वित्तीय अभिलेखों की भी जांच की। अधिकारियों का मानना है कि इन रिकॉर्ड्स से कारोबारी नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है। इस मामले में कारोबारी आशुतोष अग्रवाल का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका मोबाइल फोन बंद मिलने के कारण प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो पाई। उधर, ईडी की ओर से भी देर शाम तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।