
बरेली। तेज आंधी और बारिश के दौरान शहर में 14 यूनिपोल और विज्ञापन पट्टों के धराशायी होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया है। सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा मानते हुए नगर निगम ने तीन प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों पर कुल 22 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया है। साथ ही संबंधित एजेंसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। राहत की बात यह रही कि इन हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई।
नगर निगम के विज्ञापन प्रभारी राजीव कुमार राठी ने बताया कि बड़े यूनिपोल गिरने पर दो-दो लाख रुपये और छोटे विज्ञापन पट्टों के गिरने पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। कार्रवाई के दायरे में आई एजेंसियों में एडटैक प्रिंट एंड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड, प्रकाश आर्ट और मैसर्स इंपैक्ट शामिल हैं।
सबसे ज्यादा कार्रवाई राजीव तनेजा की एडटैक प्रिंट एंड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड पर हुई है। इस एजेंसी के छोटे और बड़े मिलाकर कुल आठ यूनिपोल आंधी में गिर गए। वहीं प्रकाश आर्ट के चार और मैसर्स इंपैक्ट के दो यूनिपोल धराशायी हुए। नगर निगम का कहना है कि इन एजेंसियों ने मानकों की अनदेखी करते हुए भारी-भरकम लोहे के होर्डिंग और यूनिपोल खड़े कर रखे थे, जो पहली ही तेज आंधी का सामना नहीं कर सके और ताश के पत्तों की तरह ढह गए।
घटनाओं के बाद नगर निगम ने शहरभर में लगे सभी यूनिपोल और बड़े विज्ञापन ढांचों की तकनीकी जांच एवं सुरक्षा ऑडिट के आदेश जारी कर दिए हैं। संबंधित एजेंसियों से निर्माण संबंधी तकनीकी रिपोर्ट, डिजाइन स्वीकृति और गुणवत्ता प्रमाणपत्र भी तलब किए गए हैं। जांच में यह परखा जाएगा कि यूनिपोल निर्धारित सुरक्षा मानकों और स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप लगाए गए थे या नहीं। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो एजेंसियां नियमों की अनदेखी कर लोगों की जान जोखिम में डाल रही हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।