
Barmer Karwa Chauth Special News: धनाऊ (बाड़मेर): करवा चौथ पर सुहागिनें आसमान में चांद का दीदार कर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करेंगी। वहीं, सरहद पर बसे धनाऊ गांव की लक्ष्मी कंवर के लिए चांद आसमान में नहीं, सरहद पार पाकिस्तान में है। 40 साल से पति भगु सिंह की राह देख रही लक्ष्मी के मन में हर करवा चौथ पर एक ही सवाल उठता है, आखिर उनका चांद कब लौटेगा? पति के लौटने की आस आंखों में आज भी जिंदा है।
पति के बिछड़ने के बाद लक्ष्मी कंवर के सामने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने की चुनौती थी। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बच्चों की परवरिश में जुट गईं। लक्ष्मी कंवर के लिए करवा चौथ सिर्फ त्योहार नहीं, बिछड़े पति से दोबारा मिलने की उम्मीद का दिन है। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी आंखें उसी राह पर टिकी हैं, जिस पर नजरें लगाए चार दशक गुजर गए। हर बार की तरह इस बार भी उनकी एक ही दुआ है, उनका सुहाग लौट आए और जिंदगी में फिर खुशियां लौटें।
करीब चार दशक पहले भगु सिंह बकरियां चराते हुए अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गए थे। वहां सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें जेल में डाल दिया। अनजाने में हुई गलती से परिवार को आज तक उनके लौटने का इंतजार है। लक्ष्मी कंवर को उम्मीद थी कि पति जल्द लौट आएंगे और परिवार में फिर से खुशियां लौटेंगी, लेकिन दिन महीनों में और महीने वर्षों में बदलते गए। बच्चे बड़े होते गए, समय गुजरता गया, मगर भगु सिंह की वापसी की खबर नहीं आई।
लक्ष्मी कंवर और उनके परिजन वर्षों से भगु सिंह की वतन वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। परिवार की पीड़ा है कि इतने लंबे समय बाद भी उनकी स्थिति की स्पष्ट जानकारी और उनकी घर वापसी को लेकर कोई ठोस खबर नहीं मिल पाई है। परिजन चाहते हैं कि सरकार और संबंधित एजेंसियां मामले की जानकारी जुटाएं और भगु सिंह की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव प्रयास करें।