
Barmer Commissioner Mobile Snatching Attempt: बाड़मेर: रेगिस्तान के जिस बाड़मेर शहर में लोगों के लिए बूंद-बूंद पानी महत्वपूर्ण है। वहां शहर की व्यवस्था संभालने वाली नगर परिषद खुद पानी की सरेआम बर्बादी कर रही है। गुरुवार को जब इस घोर लापरवाही पर ‘पत्रिका’ ने सवाल पूछा, तो अपनी नाकामी छिपाने के लिए नगर परिषद आयुक्त भगवत सिंह परमार तानाशाही पर उतर आए।
बता दें कि जवाबदेही तय करने के बजाय उन्होंने बौखलाहट में ‘पत्रिका’ फोटोग्राफर का मोबाइल ही छीनने की कोशिश की। हद तो तब हो गई जब अपनी इस करतूत को छिपाने के लिए उन्होंने आला अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास किया, लेकिन ‘पत्रिका’ की पड़ताल में उनके झूठ की पोल खुल गई।
नगर परिषद परिसर में गुरुवार को शहरी सेवा शिविर का बाड़मेर के प्रभारी सचिव रोहित गुप्ता निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान परिषद की छत पर रखी पानी की टंकी ओवरफ्लो होकर बह रही थी और सारा पानी नीचे आयुक्त के बंगले के परिसर में व्यर्थ बह रहा था।
जब ‘पत्रिका’ फोटोग्राफर ने आयुक्त परमार से इस बर्बादी को लेकर सवाल दागा, तो वे अपनी जिम्मेदारी मानने के बजाय आपे से बाहर हो गए और सीधे मोबाइल पर झपट्टा मार दिया। फोटोग्राफर ने कड़े शब्दों में विरोध जताते हुए पूछा कि मोबाइल क्यों छीन रहे हो?
हंगामा देख वहां मौजूद प्रभारी सचिव रोहित गुप्ता, कलक्टर चिन्मयी गोपाल, एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत और एसडीएम यशार्थ शेखर का ध्यान गया। खुद को घिरता देख आयुक्त परमार ने अधिकारियों के सामने ही सफेद झूठ परोस दिया कि छत की सफाई चल रही है, इसलिए पानी बह रहा है।
क्या सफाई भी नहीं कर सकते क्या? स्थिति बिगड़ती देख एडीएम चांदावत ने बीच-बचाव किया और आयुक्त को वहां से आगे ले गए। लेकिन ‘पत्रिका’ ने आयुक्त के दावे की हकीकत परखने के लिए जब छत पर जाकर देखा, तो वहां सन्नाटा पसरा था। वहां कोई सफाई नहीं चल रही थी।
इस घटनाक्रम के पहले ही शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे प्रभारी सचिव रोहित गुप्ता के सामने खुद जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे नगर परिषद आयुक्त भगवंत सिंह परमार के काम से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं।