Barmer Congress Office Land Row: बाड़मेर शहर के सर्किट हाउस के पास कांग्रेस कार्यालय के लिए आवंटित जमीन एक बार फिर विवादों में आ गई है। नगर परिषद की अतिक्रमण निरोधक टीम ने सोमवार को मौके पर चल रहे चारदीवारी और फेंसिंग कार्य को रुकवा दिया है। साथ ही अब इस जमीन का सीमाज्ञान करवाने […]
Barmer Congress Office Land Row: बाड़मेर शहर के सर्किट हाउस के पास कांग्रेस कार्यालय के लिए आवंटित जमीन एक बार फिर विवादों में आ गई है। नगर परिषद की अतिक्रमण निरोधक टीम ने सोमवार को मौके पर चल रहे चारदीवारी और फेंसिंग कार्य को रुकवा दिया है।
साथ ही अब इस जमीन का सीमाज्ञान करवाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे पूरे मामले का असली सच सामने आने की उम्मीद हैं। वहीं, दूसरी तरफ इसमें राजनीतिक रंग भी गहराने लगा है। एक ओर जहां कांग्रेस इसे वैध आवंटन बताकर निर्माण कार्य जारी रखने की बात कर रही है। वहीं, दूसरी ओर शिकायतों के बाद प्रशासनिक कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
नगर परिषद के अनुसार, कांग्रेस कार्यालय के लिए यह जमीन पूर्ववर्ती कांग्रेस बोर्ड के समय तत्कालीन जिलाध्यक्ष फतेह खां के नाम आवंटित की गई थी। कांग्रेस की ओर से इस आवंटन के लिए निर्धारित शुल्क भी जमा कराया गया था। लेकिन जैसे ही मौके पर निर्माण कार्य शुरू हुआ, दो अलग-अलग शिकायतें नगर परिषद तक पहुंचीं।
एक शिकायत में जमीन को निजी स्वामित्व की बताते हुए वापस दिलाने की मांग की गई, जबकि दूसरी शिकायत में आवंटन प्रक्रिया को ही गलत ठहराया गया। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद ने तत्काल प्रभाव से काम रुकवा दिया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
नगर परिषद ने बाड़मेर तहसीलदार को पत्र लिखकर जमीन का सीमाज्ञान करवाने के निर्देश दिए हैं। सीमाज्ञान के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जमीन का वास्तविक स्वामित्व क्या है और आवंटन प्रक्रिया कितनी वैध रही है। प्रशासन का मानना है कि सीमाज्ञान इस पूरे विवाद की सबसे अहम कड़ी है, जिससे आगे की कार्रवाई तय होगी।
नगर परिषद की कार्रवाई के बाद कांग्रेस भी सक्रिय हो गई। जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा, पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खां, जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासक व आयुक्त से मुलाकात कर अपने पक्ष में दस्तावेज पेश किए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जमीन का आवंटन पूरी तरह नियमों के तहत हुआ है और नगर परिषद ने भी सीमाज्ञान के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने शहर की सियासत को गरमा दिया है। एक ओर कांग्रेस इसे अपने अधिकार की जमीन बता रही है तो दूसरी ओर शिकायतों के बहाने प्रशासनिक हस्तक्षेप ने राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। सीमाज्ञान की रिपोर्ट के बाद पूरे प्रकरण का खुलासा होगा।
जमीन का आवंटन उनके नाम विधिवत किया गया है, जिसका पट्टा जारी हो चुका है और पूरा शुल्क जमा है। भाजपा कार्यालय के लिए भी इसी तरह आवंटन किया गया है, उन्होंने कार्यालय बना दिया, हमें अभी बनाना है। हम मौके पर केवल फेंसिंग और चारदीवारी का कार्य करवा रहे हैं। नगर परिषद की टीम आई थी, लेकिन उन्होंने केवल सीमाज्ञान की बात कही है। हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। -लक्ष्मण गोदारा, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस जिला कमेटी, बाड़मेर
जमीन आवंटन को लेकर शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की गई है। मौके पर बिना भवन निर्माण स्वीकृति के कार्य किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है। हमने काम रुकवाया है और तहसीलदार को सीमाज्ञान के लिए पत्र लिखा है। जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। -भगवत सिंह, आयुक्त, नगर परिषद, बाड़मेर