सहकार मंत्रालय की नई पहल के तहत प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों को माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे पशुपालक दूध बिक्री का भुगतान सीधे माइक्रो एटीएम के जरिए प्राप्त कर सकेंगे। योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक जाने की जरूरत कम होगी और भुगतान प्रक्रिया अधिक तेज, सरल व पारदर्शी बनेगी।

Milk Payments Via ATM: बाड़मेर जिले के प्राथमिक दुग्ध उत्पादन सहकार समितियों से जुड़े पशुपालकों को रुपए के भुगतान संबंधी परेशानियों से अब छुटकारा मिलेगा। उन्हें रुपए की निकासी के लिए बैंकों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। केंद्र सरकार के सहकार मंत्रालय की योजना के तहत दी बाड़मेर सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक इन समितियों को माइक्रो एटीएम उपलब्ध करवाएगी। इससे समिति सचिव पशुपालकों की आवश्यकता पर उन्हें तुरंत पैसे निकालकर भुगतान कर सकेंगे।
बाड़मेर जैसे रेतीले जिले में खेती और पशुपालन आजीविका का मुख्य साधन है। दुग्ध की बढ़ती मांग के कारण बड़ी संख्या में लोग पशुपालन से जुड़े हैं। इनमें से अधिकांश निजी और सहकारी दुग्ध उत्पादन समितियों को दूध बेचते हैं। जहां निजी डेयरी संचालक नकद भुगतान करते हैं। वहीं, सहकारी समितियां पशुपालकों के खातों में पैसे जमा करवाती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक सुविधाओं के अभाव में पशुपालकों को पैसों की निकासी के लिए शहरों, कस्बों तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे कीमती समय और धन व्यर्थ होता है। पशुपालकों की इस परेशानी को समझते हुए केंद्र के सहकार मंत्रालय ने देश की सभी प्राथमिक दुग्ध उत्पादन सहकार समितियों को माइक्रो एटीएम देने का निर्णय किया है।
बाड़मेर में कुल 254 प्राथमिक दुग्ध उत्पादन सहकार समितियां हैं, जिनमें से 107 क्रियाशील हैं। बैंक इन क्रियाशील समितियों को माइक्रो एटीएम उपलब्ध करवाएगा। इसे लेकर बीते दिनों समितियों के व्यवस्थापकों, सचिवों को प्रशिक्षण दिया गया है। आने वाले कुछ दिनों में समितियों को एटीएम उपलब्ध करवाए जाएंगे।
महंगे पशुपालक पर पैसों की जरूरत रहती है। ऐसे में गांव में बैंक नहीं होने और रुपए की निकासी के लिए अन्य कस्बे जाने पर बड़ी परेशानी होती है। केंद्र सहकार मंत्रालय की इस योजना से लाखों पशुपालकों को अच्छी सुविधा मिलेगी।
-अनाराम कलबी, पशुपालक
गांव में बैंक की सुविधा नहीं होने से पशुपालकों को भुगतान के लिए शहर जाना पड़ता है। एटीएम उपलब्ध होने से अच्छी सुविधा मिलेगी।
-पूनमाराम, सचिव प्राथमिक दुग्ध उत्पादन सहकार डेडावास
केंद्र की योजना के तहत जिले की प्राथमिक दुग्ध उत्पादन सहकार समितियों के सचिवों को प्रशिक्षण दिया है। शीघ्र ही माइक्रो एटीएम उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिससे गांव स्तर पर ही रुपयों का लेन-देन होने से पशुपालकों को अच्छी सुविधा मिलेगी।
-अमराराम चौधरी, मुख्य प्रबंधक, दी बाड़मेर सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक