बाड़मेर

Barmer : 10 साल का इंतजार, फिर भी नहीं मिला कृषि कनेक्शन, परेशान किसान ने डिस्कॉम दफ्तर में खुद पर उड़ेला पेट्रोल, गिरफ्तार

Barmer : बाडमेर के शिव क्षेत्र के आरंग निवासी किसान गोसाईराम ने जोधपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्महत्या का प्रयास किया। जिसके बाद किसान को गिरफ्तार कर लिया गया।
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Barmer Distressed farmer pours petrol on himself in Jodhpur Discom office arrested
Barmer : किसान को गिरफ्तार करके ले जाती कोतवाली पुलिस। फोटो पत्रिका

Barmer : खेती के लिए बिजली कनेक्शन किसानों की सबसे बड़ी जरूरत है, लेकिन बाड़मेर में यह जरूरत वर्षों से सरकारी फाइलों में अटकी हुई है। कृषि कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बाद किसानों को 10 से 15 साल तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई किसानों ने तीन-तीन साल पहले डिमांड राशि जमा करा दी, लेकिन इसके बाद भी उनके खेतों तक बिजली नहीं पहुंची। इंतजार, आर्थिक नुकसान और लगातार चक्कर काटने से उपजा यही दर्द मंगलवार को उस समय सामने आ गया, जब शिव क्षेत्र के आरंग निवासी किसान गोसाईराम ने जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्महत्या का प्रयास कर दिया।

कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने समय रहते किसान को रोक लिया। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसान को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

गोसाईराम ने वर्ष 2017 में कृषि कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। तीन साल पहले डिस्कॉम की ओर से मांगी गई डिमांड राशि भी जमा करा दी, लेकिन आज तक कनेक्शन जारी नहीं हुआ। किसान का आरोप है कि शिव से लेकर बाड़मेर तक उसने वर्षों तक अधिकारियों के चक्कर लगाए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।

Barmer : कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में किसान। फोटो पत्रिका

घर वाले भी देते हैं ताने

तीन साल पहले कृषि कनेक्शन के लिए डिमांड राशि जमा करवाई थी। इसके बाद शिव और बाड़मेर के डिस्कॉम कार्यालयों के लगातार चक्कर लगाए, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। मेरे पास किसी नेता की सिफारिश नहीं है। आज भी अधिकारियों से मिला, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। घर लौटता हूं तो परिवार वाले कहते हैं कि एक काम भी नहीं करा पाए। इसी परेशानी में मैंने यह कदम उठाया।
गोसाईराम, किसान

सामग्री की कमी बना सबसे बड़ा रोड़ा

डिस्कॉम अधिकारियों का तर्क हैं कि कृषि कनेक्शन के लिए आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो रही है। इसी कारण हर वर्ष केवल ढाई से तीन हजार नए कृषि कनेक्शन ही जारी किए जा पा रहे हैं।

करीब पांच से सात हजार फाइलें लंबित

जिले में कृषि कनेक्शन की करीब पांच से सात हजार फाइलें लंबित हैं। पूर्ववर्ती सरकार के समय एक साथ बड़ी संख्या में डिमांड राशि जमा करवाई गई थी। सामग्री सीमित मात्रा में मिलने के कारण प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। संबंधित किसान अनैतिक दबाव बनाने का प्रयास कर रहा था।
अशोक कुमार मीणा, अधीक्षण अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम

Updated on:
28 Jul 2026 09:41 pm
Published on:
28 Jul 2026 09:41 pm