बाड़मेर

Water Crisis: 8 लाख की पाइपलाइन योजना सरकारी रिकॉर्ड में पूरी, फिर बाड़मेर गादान का पानी कहां अटका?

बाड़मेर। गादान गांव में 8 लाख से बनी पेयजल पाइपलाइन के बावजूद ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा। महिलाएं दूर-दूर से पानी ला रही हैं, जबकि पशुओं के लिए भी संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने कई बार शिकायतें दर्ज करवाई, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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May 21, 2026
Barmer Watrer Crisis
20 साल से बंद पड़ा कुआं फोटो: पत्रिका

बाड़मेर। एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत बाड़मेर गादान में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीण आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान है। वर्ष 2022-23 में ग्राम पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक पेयजल पाइपलाइन निर्माण कार्य करवाया गया था। सरकारी रिकॉर्ड और "मेरी पंचायत" पोर्टल के अनुसार उक्त कार्य पर लगभग 8 लाख 14 हजार 92 रुपये खर्च कर कार्य पूर्ण भी दर्शा दिया गया, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज तक क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।

कुआं भी 20 साल से बंद

बाड़मेर गादान में सौ साल पुराना कुआं करीब 20 साल से बंद पड़ा है। उसके पास ही वर्ष 2012 में जीएलआर बनाया गया था। ग्रामीणों के अनुसार जीएलआर में कुछ माह ही पानी आया। पास में लगा हैंडपंप भी बंद पड़ा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन कार्य में तकनीकी खामियां, अधूरे कनेक्शन, पानी के दबाव और बूस्टर व्यवस्था की कमी अथवा निर्माण कार्य सही तरीके से नहीं होने के कारण आज तक पानी आगे तक नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में स्थिति विकट बनी हुई है।

पशुओं पर भी गहराया संकट

पीने के पानी के लिए उड़खा और राणीगांव से टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। एक टैंकर पर करीब 1500 रुपये खर्च हो रहे है। पीने के पानी के साथ ही पशुओं के लिए भी पानी की समस्या बनी हुई है। क्षेत्र में 900 से अधिक पशु हैं। 48 डिग्री तापमान में पशुओं की हालत भी बेहाल है। भीषण गर्मी के दौर में ग्रामीणों और पशुपालकों की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है।

महिलाएं दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर है, जबकि कई परिवार निजी टैंकरों से महंगे दामों पर पानी खरीद रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी रिकॉर्ड में योजना पूरी हो चुकी है तो आखिर पानी कहां अटक गया और जिम्मेदार विभाग अब तक मौन क्यों है। पानी की आपूर्ति नहीं होने पर ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायतें दर्ज करवाई जा चुकी हैं। 181 शिकायत, राजस्थान संपर्क RTI के तहत आवेदन भी प्रस्तुत किए जा चुके हैं। कलेक्टर कार्यालय और पीएचइडी विभाग को बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

ग्रामीणों ने पानी के संकट पर क्या कहा

पूरे क्षेत्र में पानी का संकट है। जीएलएस निर्माण के बाद कुछ माह ही पानी आया। अब जीएलआर और कुआं दोनों सूखे पड़े है। पाइप लाइन में पानी आए तो पानी का संकट हटे। -मंगलसिंह, ग्रामीण

कई बार जलदाय अधिकारियों को पाइप लाइन की शिकायत की। लेकिन अभी तक पानी नहीं आया। गर्मीयों में पानी की समस्या के चलते उण्डखा और राणीगांव से पानी के टैंकर आते है। -भंवर सिंह

Updated on:
21 May 2026 09:45 am
Published on:
21 May 2026 09:45 am