बाड़मेर

सगे जीजा की बेरहमी से हत्या…कुल्हाड़ी से सिर, हाथ और जांघ पर किया वार, जमीन को लेकर था झगड़ा

Barmer Murder Case: बाड़मेर के एडीजे कोर्ट-2 ने साढ़े तीन साल पुराने एक हत्याकांड के मामले में फैसला सुनाया है। खेत के पुराने विवाद को लेकर अपने ही जीजा पर जानलेवा हमला कर उसे मौत के घाट उतारने के मामले में दो सगे सालों समेत चार आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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Mar 28, 2026
Barmer Murder Case Four Convicted Sentenced to Life Imprisonment for Brutal Killing of Brother-in-Law
चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा (फोटो- पत्रिका)

Barmer Murder Case: राजस्थान के बाड़मेर जिले में तीन साल पहले खेत विवाद को लेकर हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-2 के न्यायाधीश पियूष चौधरी ने शुक्रवार को चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई।

साथ ही, प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। अपर लोक अभियोजक मोहनलाल पूनड़ ने बताया कि यह रंजिश गांव तामलियार स्थित एक संयुक्त खेत के मालिकाना हक को लेकर शुरू हुई थी।

मृतक मोहम्मद के परिवार और आरोपियों (सरादीन, हरूण और मजीद) के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। हालांकि, इस मामले में उपखंड कार्यालय रामसर द्वारा निर्णय भी दिया जा चुका था, लेकिन आरोपियों के मन में रंजिश कम नहीं हुई।
घटना 6 जुलाई 2022 की है। मृतक मोहम्मद जब रास्ते से गुजर रहा था, तभी आरोपियों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से लैस होकर उसे घेर लिया।

हमलावरों ने मोहम्मद के सिर, हाथ और जांघ पर जानलेवा वार किए। जब बीच-बचाव के लिए सरादीन और इस्माइल आए, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर उन्हें घायल कर दिया। मोहम्मद को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अपनों ने ही रची थी साजिश

7 जुलाई 2022 को मृतक के भाई हाजी हासम ने रामसर थाने में मामला दर्ज करवाया था। इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सजा पाने वाले चार दोषियों में से दो आरोपी मृतक के सगे साले हैं। पुलिस ने गहन जांच के बाद मजीद, हारूण पुत्र नसीर, बचाया पुत्र हारूण और अलादीन पुत्र आदम के खिलाफ न्यायालय में आरोप-पत्र पेश किया था।

20 गवाहों और 56 दस्तावेजों ने तय किया गुनाह

न्यायालय ने करीब 3 साल और 8 महीने तक चली लंबी सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। सजा सुनाते समय अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए 20 गवाहों के बयान, 7 महत्वपूर्ण आर्टिकल्स और 56 दस्तावेजों को मुख्य आधार बनाया। साक्ष्यों की मजबूती और अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने चारों आरोपियों को हत्या का दोषी माना।

Updated on:
28 Mar 2026 11:51 am
Published on:
28 Mar 2026 11:51 am