
Barmer Gunga Panchayat Sarpanch Election: बाड़मेर जिले में शिव विधानसभा के गूंगा ग्राम पंचायत के सरपंच पद का चुनाव फर्जी आठवीं पास टीसी के आधार पर लड़ना रेखा पत्नी कैलाश कुमार को भारी पड़ा। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-02, बाड़मेर की पीठासीन अधिकारी शिल्पी बंसल ने अभियुक्ता को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं 471 के तहत दोषसिद्ध करते हुए तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित भी किया। दोनों धाराओं की मूल सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं, धारा 467 एवं 468 के आरोपों में अभियुक्ता को संदेह का लाभ धारा देते हुए दोषमुक्त किया गया। निर्णय 31 अगस्त 2026 को सुनाया गया।
प्रकरण के अनुसार, परिवादी सुरेंद्र दान ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। न्यायालय के आदेश पर परिवाद को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत पुलिस थाना शिव एफआईआर भेजा गया। इस पर हुई अनुसंधान के बाद रेखा के संख्या 54/2015 दर्ज विरुद्ध धारा 420, 467, 468 एवं 471 भारतीय दंड संहिता के तहत आरोप-पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
साल 2015 में ग्राम पंचायत गूंगा में सरपंच पद के लिए चुनाव हुआ था। उस समय आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक था। अभियोजन के अनुसार, रेखा ने नामांकन के साथ राजकीय माध्यमिक विद्यालय कनोई, जिला जैसलमेर के नाम से जारी आठवीं पास की टीसी प्रस्तुत की।
जांच में सामने आया कि रेखा ने विद्यालय में पांचवीं कक्षा तक ही अध्ययन किया था और उसके नाम से आठवीं पास की टीसी जारी नहीं हुई थी। संबंधित प्रधानाध्यापक ने न्यायालय में बताया कि रेखा की टीसी में दर्ज टीसी बुक क्रमांक पर किसी अन्य छात्रा सुगणा की टीसी जारी हुई थी। अदालत ने माना कि अभियुक्ता ने आठवीं पास नहीं होने के बावजूद नामांकन में आठवीं पास होने की घोषणा की और कूटरचित टीसी को वास्तविक दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया।
न्यायालय ने अपराध को गंभीर प्रकृति का मानते हुए परिवीक्षा का लाभ देने से इनकार किया। धारा 420 एवं 471 के तहत तीन-तीन वर्ष का साधारण कारावास और 5-5 हजार रुपए अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड नहीं देने पर प्रत्येक धारा में एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन की ओर से पैरवी अभियोजन अधिकारी हरेंद्र कुमार डागर ने की।