बाड़मेर

Rajasthan Politics : ‘वो निर्दलीय पेशाब के बहाने भाग गया’, MLA रविंद्र सिंह भाटी के ‘गढ़’ में ये क्या बोल गए MP हनुमान बेनीवाल? जानिए Inside Story

आरएलपी सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल ने शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के गढ़ में हुंकार भरते हुए एक बेहद विवादित और सस्पेंस भरा बयान दिया है।
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Updated: 29 Apr 2026, 5:12 PM IST
Hanuman Beniwal and Ravindra Singh Bhati
Hanuman Beniwal and Ravindra Singh Bhati

आरएलपी (RLP) सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल मंगलवार को जब बाड़मेर के शिव विधानसभा क्षेत्र पहुँचे, तो किसी ने नहीं सोचा था कि वे अपने चिर-परिचित अंदाज़ में कोई ऐसा 'बम' फोड़ेंगे जिसकी गूँज लंबे समय तक सुनाई देगी। शिव, जो वर्तमान में निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी का 'गढ़' माना जाता है, वहां बेनीवाल ने एक सभा के दौरान बिना नाम लिए एक निर्दलीय उम्मीदवार पर ऐसा तंज कसा कि वहां मौजूद लोग सन्न रह गए। बेनीवाल का यह बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल है और सवाल खड़ा हो रहा है- 'क्या बेनीवाल का निशाना रविंद्र सिंह भाटी ही थे या कोई और निर्दलीय उम्मीदवार?

'पेशाब का बहाना और गायब...': क्या है वो किस्सा?

हनुमान बेनीवाल ने 2023 के विधानसभा चुनाव की टिकट वितरण प्रक्रिया का जिक्र करते हुए एक 'इनसाइड स्टोरी' सुनाई। उन्होंने कहा: "आप लोग कहते हैं कि शिव में टिकट गलत दे दिया गया, जबकि मैं तो सही उम्मीदवार दे रहा था। एक निर्दलीय उम्मीदवार मेरे पास आया था। मैंने उससे कहा कि भाई पार्टी जॉइन करो। उसने जवाब दिया— 'भाईसाहब, बस पांच मिनट में पेशाब करके आता हूं।' लेकिन वह वापस ही नहीं आया। इसके बाद तीसरा, चौथा और पांचवां उम्मीदवार आता रहा..."

हनुमान बेनीवाल के बयान का ये वीडियो वायरल

आखिर कौन था वो 'निर्दलीय'? शिव की चुनावी बिसात पर एक नज़र

बेनीवाल के इस बयान के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। शिव विधानसभा 2023 के चुनाव में मुख्य रूप से तीन निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में थे:

रविंद्र सिंह भाटी: जो भाजपा से बगावत कर निर्दलीय लड़े और जीते।

रविंद्र सिंह भाटी (फाइल फोटो-पत्रिका)

फ़तेह खान: जो कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय लड़े।

फतेह खान

भूराराम: जो तीसरे निर्दलीय प्रत्याशी थे।

तीन निर्दलीय थे मैदान में- ये था नतीजा

ये था नतीजा

ये पुरानी तस्वीर भी चर्चा में

ये पुरानी तस्वीर भी चर्चा में

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बेनीवाल का इशारा रविंद्र सिंह भाटी की ओर हो सकता है, क्योंकि उस वक्त भाटी के लिए 'तीसरे मोर्चे' (RLP) के विकल्प पर काफी चर्चा हुई थी। हालांकि, बेनीवाल ने स्पष्ट नाम नहीं लिया, जिससे 'सस्पेंस' और गहरा गया है।

भाटी के गढ़ में बेनीवाल की 'सेवा' का वादा

कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हनुमान बेनीवाल

विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार शिव पहुँचे बेनीवाल ने यहाँ की जनता को सीधे तौर पर जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भले ही यहाँ से आरएलपी का प्रत्याशी नहीं जीता, लेकिन वे शिव की जनता के लिए आधी रात को भी तैयार हैं।

विकास का भरोसा: बेनीवाल ने कहा, "सड़क, पानी, स्कूल या बिजली का कोई भी काम हो, आप घबराएं नहीं। भाजपा की सरकार है लेकिन आपका भाई हर काम करवाएगा।"

बदलाव के संकेत: उन्होंने विश्वास जताया कि उनके इस दौरे के बाद कल से ही क्षेत्र में बड़े बदलाव के संकेत दिखाई देंगे।

एक मंच से 'मुबारकबाद' और 'आशीर्वाद'

शिव के खारची में बेनीवाल का एक और रूप देखने को मिला। उन्होंने मारवाड़ की गंगा-जमुनी तहजीब को जीवंत करते हुए एक ही मंच से मुस्लिम भाइयों को ईद (या पर्व) की 'मुबारकबाद' दी और हिंदू नव-दंपतियों को 'आशीर्वाद' दिया।

शिव के खारची में बेनीवाल
शिव के खारची में बेनीवाल

बेनीवाल ने यहाँ आईएएस भंवरलाल डेलू के निवास पर जाकर शोक भी व्यक्त किया और आरएलपी कार्यकर्ता गजेंद्र चौधरी के घर शादी समारोह में भी शामिल हुए।

सचिन पायलट विवाद पर भी बरसे बेनीवाल

शिव में रहते हुए बेनीवाल ने भाजपा प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा सचिन पायलट को 'बहरूपिया' कहे जाने पर भी कड़ा एतराज जताया। उन्होंने इसे ओछी मानसिकता बताते हुए कहा कि पायलट जैसे जननेता के खिलाफ ऐसी भाषा लोकतंत्र के लिए घातक है। बेनीवाल ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा ने अपनी भाषा नहीं सुधारी, तो राजस्थान का युवा उन्हें करारा जवाब देगा।

Updated on:
29 Apr 2026, 5:12 PM IST
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