Barmer firing Case: बाड़मेर में पत्नी पर फायरिंग के 13 साल पुराने मामले में कोर्ट ने आरोपी पति को 10 साल की सजा और 50 हजार जुर्माना लगाया। लव मैरिज के बाद विवाद में आरोपी ने कार टक्कर मारकर गोली चलाई थी। सजा सुनते ही आरोपी हंसते हुए बोला, इतना क्या बड़ा क्राइम कर दिया।
Barmer News: लव मैरिज के बाद पत्नी पर जानलेवा फायरिंग करने के मामले में बाड़मेर की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-2 ने सोमवार को आरोपी पति को दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। करीब 13 साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुनाया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-2 पीयूष चौधरी ने जयपुर के जगतपुरा निवासी सुनील मीणा को हत्या के प्रयास के मामले में दोषी करार दिया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 26 गवाह, 47 दस्तावेज और तीन आर्टिकल पेश किए गए थे।
सजा सुनाए जाने के बाद जब पुलिस आरोपी को कोर्ट से बाहर लेकर जा रही थी, तब वह मीडिया को देखकर हंसने लगा। हंसते हुए उसने कहा कि ऐसा क्या बड़ा क्राइम कर दिया, सब लगे हो। उसने यह भी कहा कि 307 और 309 का मुकदमा है, क्या क्रिमिनल की तरह दिखाओगे।
अपर लोक अभियोजक अनामिका सांदू ने बताया कि पीड़िता कीर्तिका पालीवाल ने 21 जून 2013 को पुलिस को दिए पर्चा बयान में बताया था कि उसकी शादी वर्ष 2011 में जयपुर के सुनील मीणा से प्रेम विवाह के रूप में हुई थी।
शादी के करीब एक साल बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। कीर्तिका उस समय बाड़मेर में डाक निरीक्षक के पद पर कार्यरत थी और आदर्श स्टेडियम के पीछे स्थित डाक कॉलोनी में रहती थी।
घटना 21 जून 2013 की सुबह करीब सवा दस बजे की है। पीड़िता जब ऑफिस जाने के लिए घर से निकली, तभी आरोपी जयपुर से बाड़मेर पहुंचा और जान से मारने की नियत से उसकी कार को अपनी गाड़ी से टक्कर मार दी।
जब वह कार को रिवर्स लेकर निकलने लगी तो आरोपी ने कार का कांच तोड़ दिया और पिस्टल से फायर कर दिया। इस दौरान गोली पीड़िता की कलाई में लगी।
अपर लोक अभियोजक अनामिका सांदू ने बताया कि आरोपी ने धमकाकर पीड़िता को अपनी कार में बैठा लिया और जोधपुर रोड की तरफ ले गया। वहां भी उसने फायर किया, लेकिन गोली सिर को छूकर निकल गई। इसके बाद आरोपी ने खुद की कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास भी किया, हालांकि दोनों की जान बच गई।
पुलिस जांच में हत्या के प्रयास का अपराध प्रमाणित होने पर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया गया। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। फैसला सुनने के बाद आरोपी हंस कर बोला कि इतना क्या बड़ा क्राइम कर दिया।