RAS Success Story Rajasthan: बालोतरा जिले के चार शिक्षकों ने आरएएस परीक्षा में सफलता हासिल कर इतिहास रच दिया। पारलू की भूमिका त्रिवेदी ने 52वीं रैंक, रेवाड़ा के नरेश कुमार 137वीं, भांडियावास की ममता गोदारा 283वीं और पचपदरा के दीपक घांची 681वीं रैंक पर चयनित हुए।
Four Teachers from Balotra Become RAS Officers: पचपदरा (बालोतरा): राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) परीक्षा परिणामों में बालोतरा जिले के प्रतिभाशाली युवाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
बता दें कि पारलू गांव की भूमिका त्रिवेदी ने 52वीं रैंक हासिल कर विशेष उपलब्धि दर्ज की। वहीं, पचपदरा क्षेत्र के नरेश कुमार, दीपक घांची और ममता गोदारा ने भी चयन पाकर सफलता का परचम लहराया है।
बालोतरा क्षेत्र के पारलू गांव निवासी भूमिका त्रिवेदी ने आरएएस में 52वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। वर्तमान में तृतीय श्रेणी शिक्षिका के पद पर कार्यरत भूमिका का बचपन से ही प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना था।
टेंट व्यवसायी पिता ठाकुर प्रसाद और शिक्षिका माता भगवती त्रिवेदी के मार्गदर्शन में उन्होंने लगातार प्रयास जारी रखा। पहले प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हुआ।
दूसरे प्रयास में अपेक्षित रैंक नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, भाई-बहनों के सहयोग और आत्मविश्वास को दिया।
पचपदरा क्षेत्र के रेवाड़ा गांव के नरेश कुमार ने 137वीं रैंक हासिल कर यह साबित किया कि मजबूत इरादों के आगे संसाधनों की कमी बाधा नहीं बनती। साधारण परिवार से आने वाले नरेश के पिता टेलर का काम करते हैं।
आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने वर्ष 2018 में शिक्षक बनने के बाद निरंतर मेहनत जारी रखी और आरएएस में चयन प्राप्त किया।
भांडियावास निवासी ममता गोदारा का आरएएस में 283वीं रैंक के साथ अंतिम चयन हुआ है। साधारण किसान परिवार से आने वाली ममता वर्तमान में पचपदरा में सेकेंड ग्रेड शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता बाबूराम गोदारा खेती करते हुए परिवार को आगे बढ़ाने में जुटे रहे।
ममता ने लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद साक्षात्कार की तैयारी जयपुर जाकर की। उनके परिवार में एक भाई एमबीबीएस अंतिम वर्ष में अध्ययनरत है, जबकि दूसरा पंचायत समिति पाटोदी में सांख्यिकी पद पर कार्यरत है।
पचपदरा निवासी दीपक घांची ने 681वीं रैंक हासिल की। तृतीय श्रेणी शिक्षक के रूप में कार्यरत दीपक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया। दोनों अभ्यर्थियों की खास बात यह रही कि उन्होंने बिना महंगी कोचिंग के सेल्फ स्टडी, अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया।