बाड़मेर

राजस्थान में खुलेंगे रोजगार के द्वार: जयपुर-पचपदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी, 5 जिलों को जोड़ेगा

Greenfield Expressway: पचपदरा रिफाइनरी को जयपुर से जोड़ने के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनेगा। 11,492 करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट 5 जिलों को जोड़ेगा और नए औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करेगा। इससे निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश की आर्थिक रफ्तार तेज होगी।

2 min read
Feb 07, 2026
Jaipur-Pachpadra Greenfield Expressway (Patrika Network Photo)

Pachpadra-Jaipur Greenfield Expressway: राजस्थान के औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बड़ा बदलाव जयपुर से पचपदरा तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से होने जा रहा है। लगभग 350 से 400 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे से पचपदरा रिफाइनरी को प्रदेश की राजधानी से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पश्चिमी राजस्थान में यात्रा सुगम होगी और लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत आधार मिलेगा।

इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 11,492 करोड़ रुपए है। यह एक्सप्रेस-वे जयपुर से शुरू होकर किशनगढ़ (अजमेर), पाली और जोधपुर होते हुए बालोतरा जिले के पचपदरा तक पहुंचेगा। परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है।

ये भी पढ़ें

Elevated Road: जयपुर में यहां जल्द शुरू होगा एलिवेटेड रोड का काम, 4.5KM की दूरी सिर्फ 9 मिनट में होगी तय

फिलहाल, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है तथा डीपीआर तैयार की जा रही है। संभावना है कि यह मार्ग जोधपुर-पाली क्षेत्र से होकर निकलेगा, जिससे रोहट में प्रस्तावित दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) के पश्चिमी राजस्थान हिस्से को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब को सीधा लाभ

इस एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा लाभ पचपदरा रिफाइनरी और प्रस्तावित पेट्रोकेमिकल हब को मिलेगा। रिफाइनरी को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन के लिए सीधा व सुरक्षित कॉरिडोर मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी। यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे से भी जुड़ेगा, जिससे राजस्थान की औद्योगिक कनेक्टिविटी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

एक्सपोर्ट की राह होगी आसान

इस मार्ग के बनने से जयपुर-जोधपुर-बालोतरा की यात्रा समय में लगभग दो से तीन घंटे की कमी आने की संभावना है। हालांकि, सबसे बड़ा लाभ निर्यात क्षेत्र को होगा। एक्सप्रेस-वे को जामनगर-अमृतसर भारतमाला कॉरिडोर से जोड़े जाने के बाद सड़क और कंटेनर रेल मार्ग से भी तेज और आसान तरीके से कांडला पोर्ट तक पहुंच सकेंगे।

डीएमआईसी जोधपुर-पाली रोड से जुड़ाव के कारण आगामी औद्योगिक विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। जोधपुर में प्रस्तावित नई रिंग रोड के समीप से एक्सप्रेस-वे गुजरने से ट्रांसपोर्टेशन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

बेहतर लॉजिस्टिक मॉडल, कनेक्टिविटी बढ़ेगी

इस परियोजना से एक्सपोर्ट योग्य उत्पादों की ट्रांसपोर्टेशन सुगम होगी और गुजरात तक की रफ्तार बढ़ेगी। नए औद्योगिक क्षेत्र और रिंग रोड के साथ यह एक्सप्रेस-वे रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा।
-कुशल प्रजापत, सिविल इंजीनियर

फैक्ट फाइल…

  • 350 से 400 किलोमीटर लगभग कुल लंबाई
  • 11,492 करोड़ रुपए लगभग अनुमानित लागत
  • 05 जिले जुड़ेंगे
  • 2 से 3 घंटे की यात्रा समय में कमी

ये भी पढ़ें

Greenfield Expressway: राजस्थान के 5 जिलों को जोड़ेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, खर्च होंगे 11,492 करोड़ रुपए

Updated on:
07 Feb 2026 11:51 am
Published on:
07 Feb 2026 11:35 am
Also Read
View All

अगली खबर