तेलवाड़ा में भागवत कथा का समापन
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रमणियां. तेलवाड़ा गांव के दूदेश्वर मठ गोगाजी मंदिर में आयोजित भागवत कथा बुधवार को संपन्न हुई। कथावाचक भवानीलाल ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। वे श्रद्धालु बड़े भाग्यवान हंै, जिन्हें भागवत कथा का ज्ञान मिला है। धर्म आदमी को सद्मार्ग पर चल कर्म करने की प्रेरणा देता है। महंत नारायणगिरी ने कहा कि वे श्रद्धालु बड़े भाग्यवान हंै, जिन्हें भागवत कथा का ज्ञान मिला है। धर्म आदमी को सद्मार्ग पर चल कर्म करने की प्रेरणा देता है। धर्म को अंकुश न मानकर उसको अपने दैनिक जीवन को चलाने का माध्यम मान लेना ही सही धर्म है। मन में सदैव लालच की भावना को त्यागकर परोपकार कार्य करने वाला ही मनुष्य है। भारतीय साधु समाज प्रदेशाध्यक्ष चेतनगिरी ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर वालेरा महंत पारसभारती, विद्यानंद, हरिसिंह भायल, मांगुसिंह, चुण्डावतसिंह ऐलाना, जुगतसिंह, जेठुसिंह, महेन्द्रसिंह, अचलसिंह भायल मौजूद थे।
खेमाबाबा धाम पर शिखर ध्वजा की बोलियां आज
बाड़मेर पत्रिका.
सिद्ध श्री खेमा बाबा देवलोक धाम बायतु पनजी में चल रही प्राण प्रतिष्ठा एवं श्रीमद्भगवत कथा के चौथे दिन कार्यक्रम में बाल संत बांके बिहारी ने कहा कि भगवान बामन का अवतार हुआ, जो राजा बलि के पास तीन पैर जमीन मांगने गए। भगवान तीन त्रिलोकी के नाथ है, जो जगत को देते हैं, वो खुद राजा बली के यहां मांगने गए। इसके पश्चात श्रीराम जन्म व श्रीकृष्ण के जन्म के वृतांत सुनाया, जिसे सुन भक्त भाव विभोर हो गए।
मंदिर कमेटी के बालाराम मूढ़ ने बताया कि पूर्व राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी, अध्यापक लुंभाराम चौधरी, आईदान राम सऊ, गणपत चौधरी व खेमा बाबा अर्नेश्वर धाम कमेटी के सदस्यों का स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया।
गुरुवार को संत कृपाराम के प्रवचन व महायज्ञ प्रारंभ होगा। भजन संध्या में गजेन्द्र राव जोधपुर एंड पार्टी भजन प्रस्तुत करेगी। साथ ही शिखर, ध्वजा सहित अन्य बोलियों की शुरुआत होगी।