
आराधना को श्रद्धापूर्वक करने पर होती फल की प्राप्ति
रमणियां. दुदेश्वर मठ गोगाजी मन्दिर तेलवाड़ा में भागवत कथा का आयोजन जारी है। सोमवार को कथावाचक भवानीलाल ने कथा का वाचन करते हुए कहा कि मनुष्य को कर्म करते रहना चाहिए । फल स्वत: ही मिल जाता है। आराधना को सबसे बड़ा कर्म बताते हुए कहा कि इसे श्रद्धापूर्वक करने पर फल अवश्य प्राप्त होता है।मनुष्य को कर्म करते रहना चाहिए । उन्होंने कहा कि यह जो शरीर है, वह अराधना के लिए ही है। मनुष्य जीवन दुर्लभ है। इसके महत्व को समझते हुए परोपकार के कार्य करें। फल स्वत: ही मिल जाता है।महंत नारायणगिरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी का स्थान बहुत ही ऊंचा है। नारी का सदैव सम्मान करें। जहां नारियों की पूजा की जाती है, वहां देवता निवास करते हैं। इसलिए कभी भी नारियों का अपमान नहीं करें। इस अवसर पर लाभार्थी अचलसिंह भायल,जुगतसिंह, जेठुसिंह, फुलसिंह मेली, मदनसिंह पातावत, मांगुसिंह मौजूद थे।
अच्छे संस्कार प्राप्त कर जीवन का बनाएं कामयाब
- मारवाड़ अंचल ज्ञानशाला ज्ञानार्थी शिविर सम्पन्न
बालोतरा. सिवांची मालाणी क्षेत्रीय तेरापंथ संस्थान में आयोजित दो दिवसीय मारवाड़ अंचल ज्ञानशाला ज्ञानार्थी शिविर सोमवार को सम्पन्न हुआ।
मुनि देवेंद्र कुमार ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि जीवन में कभी क्रोध नहीं करें। अच्छे संस्कार प्राप्त कर जीवन को कामयाब बनाएं। मुनि स्वस्तिक कुमार ने कहा कि जैसे कागज के टुकड़े-टुकड़े करना बहुत आसान है, उनको जोडऩा कठिन है। उस तरह हमारे रिश्तों व संबंधों को टिकाना बड़ा ही मुश्किल काम है। हमें सबसे मैत्री और प्रेम भाव बनाए रखना चाहिए। साध्वी भानुकुमारी ने बच्चों को सत्य निष्ट बनने की प्रेरणा देते हुए खाने में जूठा नहीं छोडऩे का संकल्प दिलवाया। आयोजित प्रदर्शनी,प्रश्नोत्तरी, सांस्कृतिक प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में मुनि रत्न कुमार, मुनि आरजवकुमार, सुपाश्र्वकुमार, साध्वी हिमरेखा, साध्वी ऋतुयशा, हेमराज सुदेशा, मोनिका चोरडिया ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन मंत्री गौतम वेद ने किया।
Published on:
11 Jun 2018, 9:43 PM IST
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