Leopard Rescue Operation : बच्ची पर हमला करके मारने वाली मादा तेंदुआ आखिरकार रेस्क्यू ऑपरेशन के पांचवें दिन पकड़ा गई। मादा तेंदुए के रेस्क्यू में अलग-अलग विभाग के 150 अधिकारी-कर्मचारी जुटे थे। फिलहाल, तेंदुए के शावक अब भी पकड़ में नहीं आए हैं।
Leopard Rescue Operation : मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की राजपुर तहसील के ग्राम कीरता फलिया में शनिवार को घर के बाहर बैठी 8 वर्षीय गीता पर मादा तेंदुए के हमले से मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया था। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग ने सघन रेस्क्यू अभियान चलाया और अब इसमें रेस्क्यू दल को बड़ी सफलता मिली है। वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में मादा तेंदुआ कैद हो गई है। हालांकि, उसके शावक अभी तक पकड़ में नहीं आए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
वन विभाग के अनुसार, मंगलवार दोपहर मुख्य वन संरक्षक खंडवा के निर्देशन में तलाशी अभियान पुनः शुरू किया गया। ताजा पंजों के निशान मिलने के बाद पिंजरा दोबारा स्थापित किया गया। देर शाम को मादा तेंदुआ उसमें कैद हो गई। वन विभाग ने बताया कि, तेंदुआ और उसके शावकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर भोपाल के वन विहार पहुंचाया जाएगा।
इस अभियान में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम, इंदौर और उज्जैन की रेस्क्यू टीमें, डॉग स्क्वॉड इंदौर, फ्लाइंग स्क्वॉड खंडवा समेत 100 से अधिक वनकर्मी शामिल थे। इस तरह कुल 150 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी रेस्क्यू में शामिल थे। 6 पिंजरे, 3 ड्रोन और 3 सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगातार सर्चिंग की जा रही थी।
बड़वानी के वनमंडल अधिकारी आशीष बंसोड का कहना है कि, वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मादा तेंदुए को कीरता फलिया के पास जंगल से मंगलवार शाम को पकड़ लिया है। अभी तक शावक नहीं मिले हैं, उनकी तलाश की जा रही है।