
Bastar Tourism: नक्सलियों के सफाए के बाद अब बस्तर के अनछुए इलाकों और अदभुत प्राकृतिक स्थलों को देखते हुए टूरिज्म का खाका तैयार हो रहा है। ताकि कनेक्टिविटी को बढ़ाया जा सके। इसके लिए ट्रेन की पटरियों के साथ ही फ्लाइट और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत बस्तर के 425 गांव में 52 से ज्यादा बसों का संचालन किया जा रहा है। ताकि इंफ्रा टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ ही क्षेत्र को मुख्यधा्रा से जोड़ा जा सके।
वर्षों से पिछड़े हुए बस्तर में विकसित करने के लिए दर्जनों योजनाओं पर काम किया जा रहा है। बता दें कि पहले जहां नक्सलियों के मूवमेंट को देखते हुए लोग बस्तर दूरी बनाकर रखते थे। लेकिन हालात बदल चुके हैं। देश के मानचित्र पर बड़ी तेजी से पूरा क्षेत्र उभर कर सामने आ रहा है। यहां के नैसर्गिक क्षेत्रों को देखते हुए केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि यदि आपने बस्तर नहीं देखा, तो समझो हिंदुस्तान नहीं देखा।
जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। इंडिगो और एलायंस एयर की फ्लाइटों का संचालन रायपुर-जगदलपुर-हैदराबाद के बीच किया जाता है। साथ ही आने वाले दिनों में बिलासपुर, अंबिकापुर, गोंदिया और इंदौर को रीजनल कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना पर विचार चल रहा है।
बस्तर को रेलमार्ग से जोड़ने के लिए आधा दर्जन से ज्यादा मार्गों को प्रस्तावित किया गया है। इसमें बस्तर को सीधे रायपुर- धमतरी के बीच चलने वाली ट्रेन को कोंडागांव और कांकेर से होते हुए नारायणपुर तक जोड़ा जाएगा। इसी तरह बैलाडीला से तेलंगाना भ्रदाचालम और जगदलपुर से मनचुरियाल और गढ़चिरौली तक प्रस्तावित है। वहीं, गढ़चिरौली से जगदलपुर को ट्रेन को चलाने की योजना है। बता दें कि वड्सा से गढ़चिरौली से पटरी बिछाने का काम चल रहा है। बता दें कि इस समय जगदलपुर से आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम, ओडिशा के राउलकेला और भुवनेश्वर, पश्चिम बंगाल के कोलकाता तक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 52 से ज्यादा यात्री बसों का संचालन इस समय 50 से अधिक मार्गों पर किया जा रहा है। इसे बस्तर के 425 गांव को जोड़ा गया है। इसका विस्तार कर हर गांव तक पहुंचने को योजना पर काम किया जा रहा है। हालांकि इस समय बस्तर के जगदलपुर-जयपुर-कोरापुट, हैदराबाद-भद्राचलम-कोंटा-बचेली और रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव के साथ ही धमतरी से बस्तर के लिए रोजाना यात्री बसों का संचालन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत जिला मुख्यालय से हर गांव तक यात्री बसों का संचालन किया जाना प्रस्तावित है। इस समय 52 से ज्यादा बसों का संचालन किया जा रहा है।
-एस प्रकाश, परिवहन सचिव
बस्तर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से लगातार काम किया जा रहा है। इसके लिए स्थानीय अधिकारियों को मूलभूत सुविधाओं पर फोकस करने के निर्देश दिए गए है।