
जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में तीन दिन पहले आए अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि ने जहां नौतपा की तपिश, लू और हीटवेव से लोगों को बड़ी राहत दी, वहीं अब मौसम का बदला मिजाज नई स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आया है। तापमान में अचानक आई गिरावट और वातावरण में बढ़ी नमी के कारण क्षेत्र में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। उपजिला अस्पताल बस्सी में बुखार, खांसी, जुकाम, वायरल संक्रमण और एलर्जी के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
मौसम परिवर्तन का सबसे अधिक असर अस्पतालों में देखने को मिल रहा है। कुछ दिन पहले तक उपजिला अस्पताल का दैनिक आउटडोर करीब 1200 मरीजों का था, जो अब बढ़कर 1700 से 1800 मरीज प्रतिदिन तक पहुंच गया है। पर्ची काउंटर, चिकित्सकों के कक्ष, जांच केंद्र और दवा वितरण काउंटरों पर मरीजों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल स्टाफ पर भी अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है।
चिकित्सकों के अनुसार बारिश के बाद रात के तापमान में आई कमी के चलते हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। दिन में गर्मी और रात में ठंडक का अंतर लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। कई लोग मौसम के अनुरूप कपड़ों का उपयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे सर्दी-जुकाम और बुखार के मामलों में वृद्धि हो रही है। अचानक बदलता तापमान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी प्रभावित कर रहा है।
चिकित्सकों का कहना है कि भीषण गर्मी और हीटवेव के दौरान लोग घरों में अधिक समय बिताते थे, जिससे वे लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से काफी हद तक सुरक्षित रहे। लेकिन मौसम सुहावना होने के बाद लोग बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकल रहे हैं। ऐसे में वायरल संक्रमण और एलर्जी फैलने की आशंका बढ़ गई है।
बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव और नमी के कारण मच्छरों की संख्या भी बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल ऐसे गंभीर मामलों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन चिकित्सक सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
चिकित्सकों ने लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, उबला या स्वच्छ पानी पीने, मौसम के अनुसार कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने को भी कहा गया है।
बरसात के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन सामान्य बीमारियों के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मौसम परिवर्तन के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।