
Bastar School Reopens: कभी नक्सली हिंसा, बंद पड़े स्कूलों और शिक्षा से वंचित बचपन के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पीडिया क्षेत्र में अब बदलाव की नई कहानी लिखी जा रही है। लगभग 21 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अतिसंवेदनशील पीडिया क्षेत्र के 11 गांवों में एक बार फिर स्कूलों की घंटी गूंजने लगी है।
वर्षों तक वीरान पड़े विद्यालयों में बच्चों की चहल-पहल लौट आई है, जिससे पूरे इलाके में उत्साह और नई उम्मीद का माहौल है। ग्रामीण इसे केवल स्कूलों के खुलने तक सीमित नहीं मान रहे, बल्कि इसे शांति, विकास और शासन के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक मान रहे हैं।
कलेक्टर विश्वदीप के नेतृत्व में जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग ने बंद पड़े विद्यालयों को दोबारा शुरू करने का विशेष अभियान चलाया। इस पहल के तहत पीडिया, गमपुर और डोंडीतुमनार सहित चार पंचायतों के 11 गांवों में वर्षों से बंद स्कूलों का संचालन फिर से शुरू किया गया है। इन स्कूलों के खुलने से 539 बच्चों को पहली बार अपने गांव में ही शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है। पहले इन बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर-दराज के गांवों तक जाना पड़ता था या फिर कई बच्चे शिक्षा से पूरी तरह वंचित रह जाते थे।
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने बताया कि जिले में बंद पड़े विद्यालयों को उनके मूल गांवों में पुनः संचालित करने का अभियान लगातार जारी है। इस वर्ष अब तक 20 प्राथमिक और 17 उच्च प्राथमिक विद्यालयों सहित कुल 37 स्कूलों को दोबारा शुरू किया जा चुका है। इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति, आवश्यक शैक्षणिक सामग्री और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल खुलने से बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा और नई पीढ़ी शिक्षा के माध्यम से बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ेगी। लंबे समय तक संघर्ष और असुरक्षा झेल चुके इस क्षेत्र में शिक्षा की वापसी सामाजिक परिवर्तन का मजबूत आधार बन रही है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के अन्य बंद विद्यालयों को भी चरणबद्ध तरीके से पुनः संचालित किया जाए, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। पीडिया की यह पहल अब पूरे क्षेत्र में विकास और बदलाव की प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभर रही है।