
Pathri Anicut Project: छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर जिले के किसानों और ग्रामीणों को बड़ी सौगात दी है। जल संसाधन विभाग ने बकावण्ड विकासखंड की मारकण्डी नदी पर ग्राम पाथरी के समीप पाथरी एनीकट निर्माण के लिए 3 करोड़ 32 लाख 39 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। परियोजना पूरी होने पर क्षेत्र में पेयजल, निस्तारी और भू-जल संवर्धन की सुविधा मजबूत होगी। साथ ही किसानों को लगभग 50 हेक्टेयर खरीफ और 30 हेक्टेयर रबी फसलों की सिंचाई का लाभ मिलेगा। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मुख्य अभियंता, गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग, जगदलपुर को सौंपी गई है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार एनीकट निर्माण के बाद किसानों को स्वयं के साधनों से लगभग 50 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ और 30 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा ग्रामीणों को निस्तारी और पेयजल की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध होगी तथा भू-जल स्तर में भी सुधार आने की उम्मीद है।
राज्य शासन ने परियोजना के निर्माण कार्य के लिए मुख्य अभियंता, गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग, जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
इधर, कोरिया जिले में 1 जुलाई से विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबीजीरामजी) योजना लागू कर दी गई है। योजना के तहत ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्य स्थानीय आवश्यकता, मांग और उपयोगिता के आधार पर तय किए जाएंगे। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को मांग के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाए। वहीं जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जनपद पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा के तहत पहले से स्वीकृत और अधूरे पड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। इनमें मिट्टी संबंधी कार्य, आजीविका तालाब, डबरी, वृक्षारोपण, नर्सरी और आंगनबाड़ी भवन निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।