मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। नगर पंचायत अध्यक्ष नारायण कुर्रे ने कहा कि जिन स्थानों पर आवास बनाए गए हैं, वहां कई परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान आबादी भूमि की खरीदी-बिक्री के मामलों की भी जांच होनी चाहिए। इसके बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।