
Fake Job Scam: छत्तीसगढ़ के रायपुर में नौकरी दिलाने का झांसा (Job Fraud Case) देकर ग्रामीण युवक-युवतियों से ठगी का मामला सामने आया है। खमतराई थाना क्षेत्र में एक प्राइवेट कंपनी पर सुकमा की युवती को बंधक बनाकर रखने और पैसों के लिए दबाव बनाने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार कंपनी ने नौकरी के नाम पर युवती से पैसे मांगे और उसके दस्तावेज भी अपने पास रख लिए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई कर युवती को मुक्त कराया। मामले में कंपनी से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार सुकमा निवासी किरण नाग ने 12वीं तक पढ़ाई की है। उसे श्रीनगर स्थित लीड ट्रेनिंग हब सेंटर की ओर से नौकरी का ऑफर मिला था। कंपनी ऑनलाइन प्रोडक्ट सेलिंग का काम करती है। नौकरी के लिए किरण 11 जून को रायपुर पहुंची थी। इंटरव्यू के बाद कंपनी के लोगों ने उसकी अंकसूची, आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज अपने पास रख लिए। इसके बाद पीजी में रहने के नाम पर काजल सिंगरौरे और आशीष मंडावी ने उससे 3500 रुपए लिए।
युवती (Sukma Girl Case) को तीन दिन पीजी में रखने के बाद नौकरी के लिए चयनित होने की जानकारी दी गई। इसके बाद कंपनी की ओर से कहा गया कि 15 हजार रुपए महीने की नौकरी के लिए उसे 46 हजार रुपए जमा करने होंगे। किरण ने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया तो कंपनी के डायरेक्टर अरफान खान ने बिना पैसे जमा किए नौकरी नहीं मिलने की बात कही। आरोप है कि उसने जमीन-जायदाद बेचकर रकम देने तक की बात कही।
युवती के पिता बुदरा नाग ने बेटी की नौकरी के लिए गांव की जमीन गिरवी रखकर कंपनी वालों को 15 हजार रुपए दिए। इसके बाद भी कंपनी के लोग बाकी 31 हजार रुपए जमा करने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि युवती का मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिया गया और उसे केवल पैसे मांगने के लिए फोन करने दिया जाता था। बाद में उसकी बातचीत पर भी रोक लगा दी गई और उसे निगरानी में रखा गया।
किसी तरह युवती ने अपने जीजा आयतु बेसरा से संपर्क कर पूरी घटना बताई। इसके बाद आयतु रायपुर पहुंचे और खमतराई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कंपनी के ठिकाने पर दबिश देकर युवती को मुक्त कराया। पुलिस ने अरफान खान, काजल सिंगरौरे और आशीष मंडावी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस (Chhattisgarh Police) को आशंका है कि कंपनी के जरिए अन्य ग्रामीण युवक-युवतियों को भी नौकरी के नाम पर फंसाया गया हो सकता है। पुलिस ने बताया कि कंपनी के ऑफिस में कई युवक-युवतियां काम करते मिले हैं। अब पूरे मामले की जांच की जा रही है।