बस्ती

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का एक नया विवाद आया सामने, दर्ज हो गई एक और FIR

Swami Avimukteshwaranand Saraswati : बस्ती में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कार्यक्रम पर पुलिस का एक्शन। शर्तों के उल्लंघन और भड़काऊ भाषण के आरोप में आयोजक सहित वक्ताओं पर FIR दर्ज।
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Updated: 5 Apr 2026, 7:27 PM IST
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अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कार्यक्रम पर पुलिस का एक्शन, PC-IANS

बस्ती : उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कोतवाली क्षेत्र में 29 मार्च को आयोजित ‘सनातन धर्म संवाद’ कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह कार्यक्रम राजकीय इंटर कॉलेज बस्ती के प्रांगण में आयोजित किया गया था।

पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम के आयोजक प्रशांत पांडे (प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय महासभा) ने प्रशासन से सशर्त अनुमति ली थी, हालांकि जांच में सामने आया कि अनुमति की शर्तों का पूर्ण पालन नहीं किया गया।

तेज आवाज में चलाए गए लाउडस्पीकर

चौकी प्रभारी गांधीनगर, उपनिरीक्षक सभाशंकर यादव द्वारा दर्ज बीट सूचना रपट की जांच के दौरान पाया गया कि कार्यक्रम में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत लागू दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ। कार्यक्रम स्थल पर लाउडस्पीकर माननीय न्यायालय द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक तेज आवाज में चलाए गए, जिससे आसपास के लोगों को असुविधा हुई।

पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ वक्ताओं द्वारा ऐसे भाषण दिए गए, जिनसे समुदायों के बीच शत्रुता और घृणा फैलने की आशंका बनी, जिससे आम नागरिकों में असहजता उत्पन्न हुई। प्रसाशन ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कार्यक्रम को सशर्त अनुमति दी थी।

आयोजक पर पुलिस ने दर्ज की FIR

प्रभारी निरीक्षक मोती चंद, थाना कोतवाली बस्ती की ओर से आयोजक प्रशांत पांडे और अन्य वक्ताओं के खिलाफ उचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। वक्ताओं में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भी शामिल थे।

इससे पहले यौन उत्पीड़न के मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को कोर्ट से राहत मिली। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसे अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके समर्थकों ने न्याय की जीत बताया था। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सत्य की जीत हमेशा हुई है।

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लगातार योगी सरकार पर हमलावर हैं। वह उत्तर प्रदेश में गौकशी को पूर्णतः प्रतिबंधित करने की मांग कर रहे हैं। अपने इसी अभियान के चलते वह प्रदेश के कई जिलों का भ्रमण कर रहे हैं। 29 मई को वह बस्ती जिले में पहुंचे थे, जहां शर्तों के साथ उनके कार्यक्रम को अनुमति मिली थी लेकिन अब पुलिस का कहना है कि नियमों का पालन नहीं किया गया।

Updated on:
5 Apr 2026, 7:27 PM IST
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