Ghamoriya Home Remedies: गर्मियों में पसीने और उमस से होने वाली हीट रैशेज की समस्या से राहत के लिए ब्यूटी एक्सपर्ट चित्रा जायसवाल के घरेलू और प्राकृतिक नुस्खे अपनाएं। ये उपाय त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ उसे स्वस्थ और कोमल भी बनाते हैं। (Prickly Heat )
Ghamoriya Home Remedies: गर्मियों में पसीने और उमस के कारण त्वचा संबंधी कई समस्याएं बढ़ जाती हैं, जिनमें हीट रैशेज प्रमुख हैं। यह समस्या पीठ, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित करती है। जब पसीने की ग्रंथियां ब्लॉक्ड हो जाती हैं और पसीना वाष्पित (Sweat Evaporates) न होकर त्वचा के नीचे जमा हो जाता है, तो जलन, खुजली और लाल दाने हो जाते हैं। ऐसे में बाजार में मिलने वाले क्रीम-पाउडर की बजाय आप घर में उपलब्ध प्राकृतिक सामग्री का उपयोग कर सकते हैं। ये घरेलू उपाय न केवल प्राकृतिक हैं, बल्कि त्वचा को कोमल और स्वस्थ भी बनाते हैं। आइए जानें ब्यूटी एक्सपर्ट चित्रा जायसवाल से घमौरियों के लिए असरदार घरेलू नुस्खे।
नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया को खत्म करते हैं, जबकि चावल का पानी त्वचा को ठंडक और आराम देता है।
विधि: नीम की पत्तियों को उबालकर छान लें। चावल पकाने के बाद बचा हुआ पानी लें। दोनों को मिलाकर स्प्रे बोतल में भरें और प्रभावित हिस्सों पर छिड़कें। यह त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ संक्रमण से भी बचाएगा।
पुदीना त्वचा को ठंडक देता है और गुलाब जल जलन कम करने में मदद करता है।
विधि: सूखे पुदीना के पत्ते और गुलाब की पंखुड़ियों को पीसकर थोड़ा गुलाब जल मिलाएं। इस लेप को घमौरियों वाली जगह लगाएं और 15 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें।
ओटमील त्वचा को शांत करता है और दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स त्वचा को रिपेयर करते हैं।
विधि: 2 चम्मच ओटमील पाउडर में 2 चम्मच दही मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं और 20 मिनट बाद धो लें।
टमाटर में मौजूद लाइकोपीन जलन कम करता है और बेसन त्वचा को सूखा रखने में मदद करता है।
विधि: एक छोटा टमाटर पीसें और उसमें 1 चम्मच बेसन मिलाएं। इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाएं और सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें।
कपूर ठंडक पहुंचाता है और नारियल तेल एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर होता है।
विधि:नारियल तेल में एक चुटकी कपूर मिलाएं और प्रभावित जगह पर धीरे-धीरे लगाएं। 20 मिनट तक लगा रहने दें। इससे जलन और खुजली में आराम मिलेगा।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।