
Illegal Encroachment: बेमेतरा शहर के पिकरी वार्ड में लंबे समय से रास्ते पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ आखिरकार नगर पालिका प्रशासन ने कार्रवाई की। उपमुख्यमंत्री अरुण साव के शहर प्रवास के दौरान नगर पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर आधा दर्जन से अधिक अवैध कब्जे हटाए। कार्रवाई के दौरान रास्ते में बनाए गए झोपड़ी, बाउंड्रीवॉल और चबूतरों को हटाकर मार्ग को आवागमन के लिए खाली कराया गया। इस कार्रवाई के बाद वार्ड के लोगों ने राहत की सांस ली है। बताया जा रहा है कि रास्ते पर अतिक्रमण के कारण लंबे समय से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पानी के टैंकर, कचरा उठाने वाली गाड़ियां और अन्य जरूरी वाहनों के साथ आपातकालीन सेवाओं के वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही थी।
पिकरी वार्ड के पार्षद राजकुमार खांडे ने अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर पालिका प्रशासन के सामने कई बार शिकायत की थी। उनका कहना था कि वार्ड का प्रमुख रास्ता लगातार संकरा होता जा रहा था और अवैध निर्माण के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया था। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज पार्षद भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। इसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा और मुख्य नगर पालिका अधिकारी नरेश कुमार वर्मा ने उनसे चर्चा की और अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद पार्षद ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी थी।
वार्ड पार्षद के मुताबिक ‘मां शीतला पारा मार्ग’ स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। इसी मार्ग से वार्ड के लोगों का रोजाना आना-जाना होता है। लेकिन कुछ लोगों ने रास्ते के हिस्से पर झोपड़ी, बाउंड्रीवॉल और चबूतरे बनाकर जगह घेर ली थी। धीरे-धीरे स्थिति ऐसी हो गई कि मार्ग से बड़े वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई। पानी की सप्लाई के लिए आने वाले टैंकर, कचरा संग्रहण वाहन, ट्रैक्टर और जेसीबी तक को रास्ते से गुजरने में परेशानी होने लगी। किसी आपात स्थिति में चार पहिया वाहन के पहुंचने में भी दिक्कत हो सकती थी।
नगर पालिका प्रशासन के अनुसार अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित लोगों को तीन बार नोटिस जारी किए गए थे। प्रशासन का कहना है कि तीसरी बार नोटिस लेने से इनकार किए जाने के बाद संबंधित मकानों पर नोटिस चस्पा किए गए। इसके बावजूद रास्ते पर किए गए निर्माण नहीं हटाए गए। इसके बाद नगर पालिका प्रशासन ने स्थानीय समाज के प्रमुखों, वार्ड पार्षद और पालिका कर्मचारियों के साथ बैठक की। बैठक में रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर चर्चा हुई।
संयुक्त बैठक में रास्ते में बाधा बन रहे अवैध निर्माणों को हटाने पर सहमति बनी। इसके बाद नगर पालिका की टीम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। टीम ने रास्ते में आने वाले निर्माण और कब्जों को हटाया और मार्ग को दोबारा आवागमन के लिए खोल दिया। कार्रवाई के दौरान आधा दर्जन से अधिक अवैध कब्जों को हटाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब स्थानीय लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
अतिक्रमण हटाए जाने के बाद अब इस मार्ग से पानी के टैंकर, सफाई वाहन, ट्रैक्टर और जेसीबी जैसे वाहनों की आवाजाही आसान होगी। इसके अलावा किसी आपात स्थिति में चार पहिया वाहन भी वार्ड के अंदर तक पहुंच सकेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ता खाली होने से रोजमर्रा की आवाजाही में काफी राहत मिलेगी। वहीं, नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक रास्तों पर किए गए ऐसे अतिक्रमण को हटाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।