Trump Statements: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर खत्म होने की कगार पर है और इसी बीच नई शांति वार्ता की तैयारी हो रही है। ऐसे माहौल में डोनाल्ड ट्रंप के बयान कभी समझौते की उम्मीद दिखाते हैं तो कभी सख्त चेतावनी देते हैं। इस वजह से सबकी नजर इन पर बनी हुई है।
Trump Statements: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की समयसीमा अब खत्म होने वाली है। वहीं, दोनों देशों के बीच दूसरी वार्ता होने की भी खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अपने बदलते सुरों की वजह से चर्चा में आ रहे हैं। कभी वह शांति की उम्मीद जताते हैं तो कभी साफ चेतावनी देते हुए नजर आते हैं। हालांकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने के बाद वैश्विक स्तर पर थोड़ी राहत मिली है, लेकिन तनाव और बातचीत का दौर अभी जारी है।
बातचीत की खबरों के बीच ट्रंप ने बड़ा दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अब बहुत करीब है। उन्होंने कहा कि अब बातचीत में कोई बड़ी अड़चन बाकी नहीं है और ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।
ट्रंप ने साफ संकेत दिया कि अगर शांति समझौता नहीं होता, तो ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी। साथ ही यह भी कहा कि सीजफायर को आगे बढ़ाया जाए या नहीं, इस पर अभी कुछ तय नहीं है। एयर फोर्स वन में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “हो सकता है इसे आगे न बढ़ाया जाए, लेकिन नाकाबंदी जारी रहेगी,” हालांकि साथ ही उम्मीद भी जताई कि समझौता हो सकता है।
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान को लेकर कुछ “अच्छी खबर” मिली है, लेकिन उन्होंने इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। उनका कहना था कि मिडिल ईस्ट में हालात सही दिशा में बढ़ते दिख रहे हैं। आपको इसके बारे में पता चलेगा।
ट्रंप ने अपने Truth Social पोस्ट में दावा किया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दोबारा कभी बंद नहीं करने पर सहमति दे दी है। आगे उन्होंने लिखा कि अब होर्मुज को दुनिया के खिलाफ “हथियार” की तरह नहीं किया जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने Truth Social पोस्ट में कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह खुला है और सामान्य आवाजाही के लिए तैयार है, लेकिन ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी अभी जारी रहेगी। उनका कहना था कि यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक अमेरिका-ईरान के बीच समझौता “100% पूरा” नहीं हो जाता। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि ज्यादातर मुद्दों पर पहले ही बातचीत हो चुकी है, इसलिए पूरी प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सकती है।
उन्होंने गुरुवार को बयान दिया कि ईरान के साथ बातचीत का अगला दौर जल्द हो सकता है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान खुद आगे आकर मिलने की इच्छा जता रहा है और समझौता करना चाहता है। उनके अनुसार वीकेंड तक दोनों पक्षों के बीच बैठक भी हो सकती है, जिससे डील की दिशा में तेजी आ सकती है।
शुक्रवार को ट्रंप ने कहा कि अगर शांति समझौता होता है, तो अमेरिका और ईरान मिलकर तेहरान के परमाणु स्थलों से यूरेनियम निकालेंगे। इस प्रक्रिया में बड़े-बड़े एक्सकैवेटर्स (खुदाई करने वाली मशीनों) का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि “न्यूक्लियर डस्ट” तक को हटाया जा सके। उनका कहना था कि दोनों देश साथ मिलकर साइट्स में जाएंगे, वहां से सामग्री निकालेंगे और फिर उसे अमेरिका ले जाया जाएगा।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े लगभग सभी मुद्दों पर सहमत हो चुका है। सीएनएन के अनुसार उनका कहना था कि समझौता होते ही दोनों देश साथ मिलकर परमाणु सामग्री को हटाने का काम करेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब एग्रीमेंट हो जाएगा तब यह किया जाएगा और जब एग्रीमेंट होगा तो किसी तरह का टकराव नहीं होगा।
ट्रंप ने अपने बयान में संकेत दिए कि ईरान के साथ हुए समझौते में लेबनान भी शामिल होगा, क्योंकि पिछले हफ्ते इजराइल के हमलों की वजह से वहां हालात बिगड़ गए थे और इससे ईरान-अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष विराम भी खतरे में आ गया था।
ट्रंप ने NATO पर तीखा हमला करते हुए उसे “paper tiger” यानी “कागजी शेर” कहा। अपने Truth Social पोस्ट में उन्होंने लिखा कि होर्मुज की स्थिति शांत होने के बाद मुझे नाटो से एक कॉल आया जिसमें पूछा गया कि क्या हमें किसी मदद की जरूरत है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अगर उन्हें सिर्फ अपने जहाजों में तेल भरना है तो ही आएं, वरना दूर ही रहें।