Income Tax : वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन से पहले अपनी आय का सही आकलन करना हर करदाता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। राजस्थान की जनता जानें टैक्स सेविंग का पूरा गणित।
Income Tax : वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन से पहले अपनी आय का सही आकलन करना हर करदाता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। अक्सर देखा जाता है कि अंतिम समय में जल्दबाजी में किए गए निवेश या अधूरी जानकारी के आधार पर लिए गए फैसले टैक्स बचाने के बजाय अतिरिक्त टैक्स, ब्याज और नोटिस जैसी समस्याओं को जन्म दे देते हैं। ऐसे में समय रहते आय, निवेश और कर देनदारी का व्यवस्थित मूल्यांकन करना आवश्यक है। करदाताओं को अपनी सभी आय स्रोतों जैसे वेतन, व्यावसायिक आय, बैंक ब्याज, किराया और कैपिटन गेन को जोडकऱ कुल आय का सही आकलन कर लेना चाहिए।
पुराने टैक्स रिजीम वालों के लिए 1.5 लाख रुपए तक की छूट (पीपीएफ, ईएलएसएस, एनएससी) का दरवाजा 31 मार्च को बंद हो जाएगा। इसके अलावा एनपीएस में अतिरिक्त 50 हजार रुपए डालकर आप अपनी टैक्स लायबिलिटी को और भी कर कर सकते हैं।
धारा 80सी के तहत करदाता अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक की कटौती का लाभ ले सकता है। इसमें हाउस लोन के प्रिंसिपल अमाउंट का भुगतान भी शामिल होता है। इसके अलावा धारा 24(बी) के तहत होम लोन के ब्याज पर दो लाख रुपए तक की अतिरिक्त छूट मिलती है (स्व-आवासीय संपत्ति के लिए)। स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन खर्च भी 80सी में क्लेम किए जा सकते हैं। निर्धारित शर्तों के अनुसार।
आय 12 लाख: इसे समझने के लिए 12,00,000 (12 लाख) की सालाना आय का उदाहरण लेते हैं। इससे साफ हो जाएगा कि निवेश करने पर कौन सी व्यवस्था मारक साबित होगी। मान लेते हैं कि पुरानी व्यवस्था में करदाता 2,50,000 का कुल निवेश (80सी, 80डी और एनपीएस) दर्शाता है-
कुल सालान आय - 12,00,000 - 12,00,000
स्टैंडर्ड - (-) 50,000 - (-) 75,000
80सी - निवेश (एलआइसी, पीपीएफ आदि) - (-) 1,50,000 (छूट नहीं)
80डी - (हेल्थ इंश्योरेंस) - (-) 25,000 (छूट नहीं)
एनपीएस - (80सीसीडी (1बी) - (-) 50,000 (छूट नहीं)
कुल कर योग्य आय - 9,25,000 - 11,25,000
कुल टैक्स - (4 प्रतिशत सेस सहित) 1,01,400 - 85,000
शुद्ध बचत - 15,600 की
खुद और परिवार के हेल्थ इंश्योरेेंस का प्रीमियम (धारा 80डी) इसी महीने भरें। साथ ही, अगर शेयर बाजार या प्रॉपर्टी से तगड़ा मुनाफा हुआ है तो उसे सेक्शन 54 या 54एफ के तहत निवेश कर बचा लें।
यदि वर्ष के दौरान टैक्स कम जमा हुआ है, तो करदाता एडवांस टैक्स या सेल्फ असेसमेंट टैक्स के माध्यम से समय रहते भुगतान कर सकता है। इससे ब्याज (धारा 234बी, 234सी) और पेनल्टी से बचाव संभव है।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले आय और कर देनदारी का सही आकलन करना हर करदाता की जिम्मेदारी है। सही समय पर की गई टैक्स प्लाानिंग न केवल टैक्स बचाती है, बल्कि भविष्य में आने वाली कानूनी और वित्तीय परेशानियों से भी बचाती है। करदाताओं को चाहिए कि वे अंतिम समय की जल्दबाजी से बचें और योजनाबद्ध तरीके से अपने निवेश और टैक्स का प्रबंधन करें।
अतुल मितल, कर सलाहकार