केदारनाथ व गंगोत्री धाम से 21 दिन में करीब 715 किमी की यात्रा कर गंगाजल कांवड़ लेकर नदबई उपखण्ड के गांव हन्तरा पहुंचे।
नदबई. जब कुछ भी करने की आस्था और हठ कायम हो, तो वह अवश्य पूरी होती है। ऐसा नजारा कई बार जयपुर नेशनल हाइवे सहित अन्य मार्गों पर देखने को मिला। वैर उपखण्ड के गांव बझेरा को कांवड़ ला रहे चार भाई-बहन बझेरा वाली देवी मन्दिर की साध्वी देवी माता के सानिध्य में केदारनाथ व गंगोत्री धाम से 21 दिन में करीब 715 किमी की यात्रा कर गंगाजल कांवड़ लेकर नदबई उपखण्ड के गांव हन्तरा पहुंचे, जहां शिवभक्त तथा क्षेत्र के ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया।
जयपुर हाइवे के गांव लुलहारा, पहरसर-शाहपुर मोड, डहरा मोड, हन्तरा आदि स्थान पर शिवभक्त विजयपाल सिंह, चेतराम सिंह, छत्तर सिंह, गुड्डू मास्टर, धनवीर सिंह आदि ने साध्वी देवी माता और उनके साथ चल रहे कांवड़ दल का स्वागत किया। साध्वी देवी माता ने बताया कि सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार, विश्वशान्ति, मानव कल्याण, गोवंश रक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सर्वधर्म में प्रेम व भाईचारा भावना जागृत, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर आदि के उद्देश्य को लेकर उत्तराखण्ड व हिमालय की यात्रा पर गांव बझेरा से देवी माता मन्दिर से 18 जुलाई को सगे भाइयों के साथ निकले।
केदारनाथ व गंगोत्री धाम के दर्शन कर 23 जुलाई को वापस गांव बझेरा के लिए पैदल गंगाजल कांवड़ लेकर रवाना हुए। उन्होंने बताया कि कांवड़ दल में मेरे सहित चार सदस्य शामिल थे। दल को दो भागों में बांट कर दो-दो सदस्य की दो टोली बनाई। क्रमश एक टोली को 8 से 10 किमी का सफर तय करना निश्चित था। ये क्रम रास्ते में नहीं टूटा। कांवड़ को रास्ते में रोका नहीं गया, क्योंकि ये कांवड़ डाक कांवड़ थी।