भरतपुर

Rajasthan : धर्म परिवर्तन मामले में चौंकाने वाला खुलासा, 10-10 हजार का हर महीने बोनस और फ्री इलाज का लालच देकर बुलाई भीड़

राजस्थान के भरतपुर जिले में धर्म परिवर्तन मामले में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। यहां हर महीने 10-10 हजार रुपए बोनस और फ्री इलाज का लालच देकर भीड़ बुलाई गई थी।
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Jul 06, 2024
Bharatpur Religious Conversion Case

Bharatpur Religious Conversion Case : भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में धर्म परिवर्तन मामले में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। यहां हर महीने 10-10 हजार रुपए बोनस और फ्री इलाज का लालच देकर भीड़ बुलाई गई थी। दरअसल, सिमको रेलवे फाटक संख्या 39 के निकट एक मकान में शुक्रवार सुबह चल रही कथित धर्म-परिवर्तन सभा में हंगामा हुआ था। विश्व हिंदू परिषद् के कार्यकर्ताओं ने सभा में घुसकर धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। सूचना पर थाना मथुरा गेट पुलिस मौके पर पहुंची और शांतिभंग होते देख पुलिस ने मौके पर हंगामा कर रहे 26 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही एक व्यक्ति की ओर से की गई शिकायत को दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है।

जानकारी के मुताबिक जब हिन्दूवादी संगठनों के लोगों को धर्म-परिवर्तन सभा के संबंध में जानकारी हुई तो विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष लाखन पहलवान व जिला मंत्री श्याम सुंदर एवं बजरंग दल के जिला संयोजक शुभम सैंथरा के नेतृत्व में उनके समर्थक अमित चौधरी, अंकित सिंह, प्रशांत, मोहित, कश्मीरा चौधरी, साहिल, रवि, रितांशु, बृजेश, भोला जाट, दीपक कुंतल, बबलू पंडित, निश्चल, भानू हथैनी आदि बड़ी संया में लोग उस सभा में पहुंच गए। तथा सभा के आयोजकों का विरोध करने लगे। जिस पर उनके बीच शुरू हुई कहासुनी झगड़े में बदल गई और सभा में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन

निरंजनसिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह निवासी भवनपुरा हाल एसटीसी हाउसिंग बोर्ड ने थाना मथुरा गेट में दर्ज कराई रिपेार्ट में कहा है कि 5 जुलाई को सुबह 11 बजे फाटक नंबर 39 पर रविंद्र कुमार निवासी अजान हाल रेलवे फाटक 39 एवं उसकी पत्नी व एक अन्य व्यक्ति एक मकान में चंघई सभा कर रहे थे।सभा में करीब 100 महिला-पुरुष और बच्चे शामिल थे। रिपोर्ट में आरोप है कि उक्त लोग सभा में आए निम्न तबके के लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन करा रहे थे। आरोपी उन्हें प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। साथ ही लालच दे रहे थे कि जो लोग ईसाई धर्म अपनाएंगे उन्हें 10 हजार रुपए बोनस हर माह दिया जाएगा। इलाज की पूरी व्यवस्था फ्री की जाएगी। उन्हें ईसाई धर्म की किताब, पंफलेट, कैलेंडर आदि भी फ्री में बांट रखे थे।

इतना ही नहीं आरोपी सभा के दौरान हिन्दू-देवी देवताओं के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे। जब मैंने उनकी इस बात का विरोध किया तो उन्होंने मुझे भी अपमानित किया। धमकी दी कि भाग जा वरना ईशू अभी तुहें भस्म कर देगा। तेरा कोई हिन्दू देवी देवता ईशू के सामने रुक नहीं पाएगा।

पहले भी विवादित रहा है रविंद्र कुमार: विहिप

लाखन सिंह ने कहा है है कि घर के अंदर मौजूद लोगों को यहां 500-500 रुपए देकर बुलाया गया था। यह मकान रविंद्र कुमार का है। वह भरतपुर शहर के नजदीकी गांव अजान का रहने वाला है। अजान गांव में भी इसने दूसरे धर्म का प्रचार शुरू किया था। रविंद्र ने देवी-देवताओं की तस्वीरें घर से निकालकर नाली में फेंक दी थी। तब इसे गांव से पीटकर भगा दिया था। अजान गांव से रविंद्र भरतपुर में एकता विहार कॉलोनी में रहने लगा। वहां भी इसने धर्म परिवर्तन करवाया। तब आस-पास के लोगों ने इसे वहां से भगा दिया। अब यह पिछले 3-4 साल यहां रहकर धर्म परिवर्तन करा रहा है। इसे हमने समझाया था, लेकिन यह माना नहीं।

मेरी पत्नी व भतीजी को घर में घुसकर पीटा

गिरतार रविंद्र ने बताया कि हमारे साथ विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने घर में घुसकर मारपीट की। मुझे और मेरी पत्नी व भतीजी को पीटा गया। मेरी पत्नी के कपड़े फाड़ दिए। रविंद्र के रिश्तेदार फूल सिंह ने कहा कि वह डीग से अपने भाई से मिलने आया था।

यूं चल रहा रैकेट

असल में भरतपुर व डीग जिले में धर्मांतरण के कार्यक्रम कराकर पिछड़े वर्ग व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को टारगेट किया जा रहा है। गिरोह फंडिंग के माध्यम से पहले ऐसे परेशान परिवारों की सूची बनाता है। फिर उन्हें खुद से जोड़ने के लिए समझाता है। एक-दो कार्यक्रमों में उन्हें साधारण तरीके से बुलाया जाता है। तीसरे कार्यक्रम में उन्हें दिमागी रूप से धर्मांतरण के लिए मजबूत कर दिया जाता है। किसी को 10 हजार तो किसी को 20 हजार रुपए महीने तनवाह का भी लालच दिया जाता है।

परमात्मा से प्रार्थना की और बेटा ठीक हो गया

मथुरा जिले के मगोर्रा के रहने वाली महिला वीरमति ने बताया कि मैं सत्संग सुनने के लिए भरतपुर आई थी। यहां बीमार लोगों को ठीक किया जाता है। मेरा बेटा बीमार था। वह कई दिनों से जयपुर में भर्ती था। सत्संग में मैंने परमात्मा से प्रार्थना की तो वह ठीक हो गया। मकान में आज परमात्मा का सत्संग चल रहा था। अचानक वहां हंगामा हो गया। अन्य महिलाओं से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वो प्रार्थना कर रहीं थीं। क्योंकि इसे करने से उनकी घरों में बीमारी खत्म हो गई।

Updated on:
06 Jul 2024 04:14 pm
Published on:
06 Jul 2024 04:14 pm