भरतपुर

Rajasthan: मासूम बेटे की सर्जरी करवाने मथुरा गया था, डॉक्टरों ने निकाल ली किडनी, 15 लोगों पर FIR

Kidney Theft Case: राजस्थान के डीग जिले से जुड़ा एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।

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Dec 19, 2025
पीड़ित बच्चा। फोटो: पत्रिका

भरतपुर। राजस्थान के डीग जिले से जुड़ा एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक युवक अपने मासूम बेटे को इलाज के लिए जिस अस्पताल में लेकर गया, वहां उसकी किडनी ही निकाल ली।इस मामले में अब पीड़ित पिता ने 7 डॉक्टरों सहित 15 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

दरअसल, ये पूरा मामला मथुरा के अकबरपुर स्थित कान्ता देवी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर से जुड़ा हुआ है। डीग जिले की पहाड़ी तहसील के कैथवाड़ा निवासी भीम सिंह पुत्र यादराम ने कोर्ट इस्तगासे के जरिए छापा पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पीड़ित पिता ने डॉक्टर श्याम बिहारी शर्मा, शमर्थ, आशिष, निश्चेतना, दीपक अग्रवाल, शालिनी, पुष्पेंद्र सहित 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है।

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पिछले साल करवाई थी सर्जरी

भीम सिंह ने बताया कि पिछले साल मई महीने डेढ़ वर्षीय बेटे मयंक के पेट में दर्द हुआ था। इसके बाद उसे 28 मई को कान्ता देवी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर में भर्ती कराया। जहां पर डॉक्टरों ने गांठ निकालने के लिए ऑपरेशन की सलाह दी और सर्जरी की। 30 मई को ऑपरेशन के बाद 4 जून को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। इसके बाद बच्चे को लेकर गांव आ गए।

करीब 8 महीने बाद हुआ हैरान कर देने वाला खुलासा

इसी साल फरवरी में बच्चे के पेट में फिर से दर्द उठा। इजाल के लिए बच्चे को अलवर के निजी अस्पताल लेकर गए। जहां पर डॉक्टरों ने ऐसा खुलासा किया कि परिजनों के पैरों तले से जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की एक किडनी गायब है। यह सुनकर परिजन सहम गए और बच्चे को जयपुर के जेके लोन अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर भी डॉक्टरों ने एक किडनी नहीं होने की बात कही। इससे परिजन सदमे में है और न्याय की गुहार लगाई है।

गांठ निकालने के नाम पर किडनी चुरा ली

भीम सिंह ने बताया कि मथुरा के केडी अस्पताल में डॉक्टरों ने गांठ निकालने के नाम पर किडनी चुरा ली। जब उन्होंने अस्पताल प्रशासन से इस बारे में बात की तो उन्हें डराया-धमकाया गया। थाने में भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उन्होंने सीएम के आवास पर जाकर गुहार लगाई। साथ ही अखिलेश यादव से मुलाकात करके अपना दर्द बयां किया। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार अब कोर्ट के ​इस्तगासे के जरिए मामला दर्ज हुआ है।

पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार

भीम सिंह ने बताया कि उसके ढाई साल बेटा और एक साल की बेटी है। वह सब्जी की फेरी लगाकर अपने परिवार का पालन—पोषण करता है। लेकिन, बच्चे की किडनी निकालने का मामला सामने आने के बाद वह बुरी तरह टूट चुका है। उसने पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।

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