
Durg Road Accident Golden Hour: सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को 'गोल्डन आवर' के भीतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए दुर्ग पुलिस ने नई व्यवस्था लागू की है। अब जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों और दुर्घटना संभावित पांच ब्लैक स्पॉट पर 24 घंटे एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। हादसे की सूचना मिलते ही डायल-112 और 108 एंबुलेंस सेवा के समन्वय से घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जाएगा।
मंगलवार को नेहरू नगर स्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) कार्यालय में यातायात पुलिस, डायल-112 और 108 एंबुलेंस सेवा के अधिकारियों की संयुक्त समन्वय बैठक हुई। बैठक में सड़क हादसों के बाद सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले 'गोल्डन आवर' का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की रणनीति तैयार की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) ऋचा मिश्रा ने कहा कि दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे के भीतर घायल को चिकित्सा सहायता मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसी उद्देश्य से आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया है।
यातायात पुलिस ने जिले के प्रमुख दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान की है। इनमें एमएलटी क्रेन चौक, खुर्सीपार, बिजली ऑफिस भिलाई-3, बड़े तरिया कुम्हारी, जेके लक्ष्मी सीमेंट क्षेत्र और पंथी चौक शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार एंबुलेंस की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सूचना मिलते ही मेडिकल टीम मौके पर पहुंच सके।
बैठक में डायल-112 के संभाग प्रभारी आसिम खान, 108 एंबुलेंस सेवा के दुर्ग प्रभारी निर्मल वर्मा सहित संबंधित अधिकारियों ने संयुक्त रूप से सडक़ सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर सहमति जताई।
मौतों में कमी लाने का लक्ष्य: दुर्ग पुलिस का मानना है कि समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित होने से सडक़ दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी। यह पहल आम नागरिकों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सड़क हादसों में 'गोल्डन आवर' सबसे महत्वपूर्ण होता है। हमारा प्रयास है कि घायल को कम से कम समय में उपचार मिले, ताकि अधिक से अधिक जानें बचाई जा सकें। - विजय अग्रवाल, एसएसपी, दुर्ग